पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक अपील दायर करके प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज मोहम्मद सईद को नजरबंदी से मुक्त करने के हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी।
सरकार ने लाहौर उच्च न्यायालय के खिलाफ यह अपील शुक्रवार की सुबह दायर की। अपील में कहा गया है कि सईद की ‘सुरक्षा’ के लिए उसे नजरबंद रखना जरूरी है।
प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की भी स्थापना करने वाले सईद को गत दो जून को लाहौर हाईकोर्ट के आदेश पर मुक्त कर दिया गया था। उससे पहले वह पिछले छह महीने से घर में नजरबंद था। पंजाब सरकार के वकील राणा सनाउल्ला ने कहा ‘सईद सरकार को बताए बगैर कहीं नहीं जा सकता। जहाँ तक मुझे जानकारी है, वह कहीं नहीं जा सकता।’ इस बीच पाकिस्तान के अधिकारियों ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा जमात पर लगाए गए प्रतिबंधों का अब भी पालन किया जा रहा है।
पिछले साल 26 नवम्बर को मुम्बई पर हुए दुस्साहिक आतंकवादी हमलों के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा जमात को लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन घोषित किए जाने पर 59 वर्षीय सईद और उसके कई सहयोगियों को गत वर्ष दिसम्बर में नजरबंद कर दिया गया था। इन लोगों को बाद में रिहा कर दिया गया था।
सईद को रिहा किये जाने के खिलाफ पाकिस्तानी प्रशासन द्वारा देर किये जाने पर भारत ने पिछले दिनों चिंता व्यक्त की थी। रिहाई के बाद सईद ने विभिन्न राजनीतिक कट्टरपंथियों और आतंकवादी नेताओं से मुलाकात की थी। |