एक नए शोध में खुलासा हुआ है कि शाकाहारियों और माँसाहारियों की हड्डियों के घनत्व में पाँच फीसदी का अंतर होता है।
एक अंतरराष्ट्रीय दल ने इस विषय पर हुए नौ अध्ययनों की समीक्षा की है, जिसमें विश्वभर के लगभग 2749 लोगों की हड्डियों के खनिज पदार्थों के घनत्व की तुलना की गई थी।
परिणामों से पता चला है कि शाकाहार का उपयोग करने वाले लोगों में माँसाहारियों की तुलना में बीएमडी पाँच फीसदी कम होता है। हालाँकि शोधकर्ताओं का दावा है कि इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता। प्रमुख शोधकर्ता तुआन न्गुयेन ने कहा कि इस मुद्दे पर बहुत बहस हुई है।
न्युगेन ने कहा कि हम इस निष्कर्ष पर पहुँचे हैं कि शाकाहारियों के समूह में माँसाहारियों की तुलना में बीएमडी पाँच फीसदी कम होता है, लेकिन अभी इस बात का अध्ययन करना शेष है कि क्या इससे हड्डी टूटने का खतरा बढ़ जाता है। |