अल्पसंख्यक समूहों के लिए सोमालिया दुनिया का सबसे खतरनाक देश बना हुआ है।
एक नामी-गिरामी मानवाधिकार समूह ने गुरुवार को बताया है कि सोमालिया के बाद अल्पसंख्यकों के लिए खतरनाक देशों की सूची में इराक,अफगानिस्तान और म्यांमा का नाम शुमार है।
माइनॉरिटी राइट्स ग्रुप इंटरनेशनल (एमआरजी) द्वारा पिछले साल जारी खतरनाक देशों की सूची के पाँच देशों के पायदान में कोई बदलाव नहीं आया है। इन देशों में जातिसंहार, व्यापक पैमाने पर नरसंहार या सुव्यवस्थित हिंसात्मक दमन के चलते अल्पसंख्यक समूहों को सर्वाधिक खतरा है।
सोमालिया में दो दशकों से चल रहे गृह युद्ध के ताजा खूनी संघर्ष की शुरुआत मई में हुई जब एक कट्टर इस्लामिक संगठन ने वैश्विक स्तर पर समर्थन प्राप्त सोमालिया के राष्ट्रपति शरीफ शेख अहमद को हटाने का अभियान छेड़ दिया।
रिपोर्ट में बताया गया है कि भले ही इराक में हिंसा में कमी आई हो लेकिन यह अभी भी खतरनाक देशों की सूची में शामिल है। इराक में पिछले साल से लेकर अब तक की हिंसा में 300 से 800 नागरिकों की मौत हो चुकी है।
एमआरजी ने बताया है कि पाकिस्तान,इथोपिया,इरीट्रिया,जार्जिया,जिम्बाम्वे,गुयाना, नाइजर,केन्या,इसराइल और फिलिस्तीन अधिकृत क्षेत्र में भी स्थितियां बिगड़ी हुई हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के उत्तर पश्चिम और कबीलाई क्षेत्रों में विभिन्न इस्लामिक संगठनों में संघर्ष के चलते अल्पसंख्यकों पर विशेष खतरा है। |