ब्रिटेन की एक गोपनीय आंतरिक रिपोर्ट से जाहिर होता है कि पाकिस्तानी नागरिकों द्वारा हासिल किए जाने वाले तीन वीजा में एक से अधिक में विश्वसनीयता की कमी होती है और इन खामियों का आतंकवादी इस्तेमाल कर सकते हैं।
द संडे टाइम्स ने बार्डर एजेंसी के एक सूत्र के हवाले से शनिवार को दावा किया कि करीब दो साल पहले शुरू हुई रिपोर्ट को प्रभावकारी तरीके से गुप्त रखा गया था तथा जाँच के लिए पाकिस्तान भेजे गए अधिकारी चेरिस टेलर द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं की वरिष्ठ अधिकारियों ने अनदेखी की।
रिपोर्ट में फर्जी बैंक खातों, अस्तित्वहीन ब्रिटिश कंपनियों और पर्यटकों के द्वारा दिए गए परिचयपत्र का उल्लेख किया गया जिन्होंने अपनी पत्नियों और बच्चों को घर पर छोड़ दिया था।
दस हजार से अधिक पाकिस्तानी युवकों को हर साल छात्र वीजा और हजारों लोगों को पर्यटक या व्यवसाय यात्री के तौर पर ब्रिटेन आते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा सेवाओं का कुछ हद तक मानना है कि आतंकवादी हमले में इसका दुरुपयोग किया जा सकता है।
संभावित भ्रष्टाचार की ओर संकेत करते हुए टेलर ने चेतावनी दी वीजा आवेदकों की और अधिक जाँच पड़ताल एवं उनसे पूछताछ की जा सकती है। उन्होंने कुछ ऐसे अधिकारियों की भी पहचान की जिन्होंने संदिग्ध वीजा जारी किए। |