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ईरान की अशांति,धर्मगुरु की भूमिका संभव
ईरान में राष्ट्रपति चुनाव के बाद पैदा हुए संकट को बढ़ाने में हो सकता है ईरान के सबसे ताकतवर लोगों में एक व्यक्ति बंद दरवाजे के भीतर से मुख्य भूमिका निभा रहे हों।

ईरान के पूर्व राष्ट्रपति तथा प्रभावी धर्मगुरु अयातुल्ला हाशमी रफसंजानी ने ईरान में राष्ट्रपति चुनाव के बाद उपजे हालात के बारे में अभी तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।

चुनाव परिणाम के बाद ईरान में राष्ट्रपति अहमदीनेजाद की इस पद पर पुन: जीत के बाद उनके समर्थकों तथा सुधारवादी विपक्षी उम्मीदवार के समर्थकों के बीच संघर्ष शुरू हो गया है। उनका दावा है कि राष्ट्रपति ने फर्जी तरीका अपनाकर इस पद पर फिर से जीत हासिल की है।

ईरानी टीवी ने रफसंजानी की बेटी फायेजे हाशमी को सैकड़ों विपक्षी कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए दिखाया गया है। संकट से उपजे हालात के मद्देनजर देश के शीर्ष नेता के संबोधन में रफसंजानी अनुपस्थित दिखाई दिए।

प्रमुख नेता अयातुल्ला अली खुमैनी ने रफसंजानी (75) की प्रशंसा करते हुए कहा था कि वे क्रांति के शिल्पकारों में से हैं। वे कई वर्षों तक देश के प्रभावशाली नेता रहे हैं। हालाँकि उन्होंने स्वीकार किया कि दोनों के विचारों में काफी अंतर है।

खुमैनी ने कहा कि निश्चित तौर पर राष्ट्रपति के विचार मुझसे मिलते-जुलते हैं। साथ ही उन्होंने विपक्षी उम्मीदवार मीर हुसैन मुसावी और उनके समर्थकों को चेतावनी दी कि वे या तो विरोध प्रदर्शन रोकें अथवा परिणाम भुगतने को तैयार रहें।

ईरान की राजधानी तेहरान में कल प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हो गई। ईरान के अन्य शहरों से भी हिंसा की अपुष्ट खबरें आई हैं।
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