नेपाल ने ऐतिहासिक शांति प्रक्रिया में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया है। एक शीर्ष भारतीय अधिकारी को शनिवार को देश के वरिष्ठ नेताओं से मिलना है।
विदेशमंत्री सुजाता कोइराला ने कहा हमें शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए भारत के सहयोग और समर्थन की आवश्यकता है। विदेश सचिव शिवशंकर मेनन की यात्रा से पहले विदेशमंत्री ने जोर दिया कि सीपीएन यूएमएल के नेतृत्व वाली नई गठबंधन सरकार द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाना चाहती है।
कोइराला ने एक साक्षात्कार में कहा कि नेपाल सरकार पड़ोसी देशों और खासकर भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाना चाहती है। उन्होंने शांति प्रक्रिया को नई गठबंधन सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में बताया।
पूर्व प्रधानमंत्री एवं नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गिरिजाप्रसाद कोइराला की 55 वर्षीय पुत्री ने कहा शांति प्रक्रिया को उसके तार्किक अंजाम तक ले जाना और नए संविधान का मसौदा समय पर तैयार करना सीपीएन यूएमएल के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है।
मेनन के दो दिवसीय यात्रा पर आज काठमांडो पहुँचने की उम्मीद है। मेनन प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल की पहली भारत यात्रा के बारे में चर्चा कर सकते हैं। विदेश सचिव राष्ट्रपति राम बरन यादव, उपराष्ट्रपति परमानंद झा, प्रधानमंत्री विदेश और गृहमंत्री भीमबहादुर रावल से मुलाकात करेंगे। |