अमेरिकी एजेंसी नासा ने चाँद पर अंतरिक्ष यात्रियों के उतरने और शिविर लगाने के स्थानों का पता लगाने में मदद के लिए अरसे बाद चंद्रमा पर दो यान प्रक्षेपित किए हैं। यह प्रक्षेपण इनसान को वर्ष 2020 तक चाँद पर पहुँचाने के नासा के अभियान का पहला चरण है।
फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से एटलस वी रॉकेट के एलआरओ और एलसीआरओएसएस दो अंतरिक्ष यान लेकर आकाश में जाने के साथ ही इस अभियान में जुटे वैज्ञानिक खुशी से उछल पड़े।
इस सफल प्रक्षेपण के जरिये 58.3 करोड़ डॉलर की लागत के अभियान की कामयाब शुरुआत हुई। सब कुछ सामान्य रहने पर अंतरिक्ष यान चार-पाँच दिन में गंतव्य पर पहुँच जाएँगे। उनमें से एक यान कक्षा में दाखिल होकर नक्शाबंदी के अभियान में जुट जाएगा, जबकि दूसरा यान चन्द्रमा के आसपास काम करेगा।
नासा को इस अभियान की जबरदस्त सफलता की उम्मीद है। यह इस बात का पता लगाने की भी मुहिम है कि चाँद पर दिखने वाले दो स्थायी गड्ढों में से एक में जमा हुआ पानी तो नहीं है। |