नेपाल में प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल की अगुवाई में गठित नई गठबंधन सरकार के मंत्रिमंडल ने सेना प्रमुख जनरल रुकमांगद कटवाल को बर्खास्त करने के पूर्व माओवादी नीत सरकार के विवादास्पद निर्णय को निरस्त कर दिया है।
कैबिनेट के करीबी सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल ने अपनी बैठक में कटवाल को बर्खास्त करके उनकी जगह लेफ्टिनेंट जनरल कुलबहादुर खड़का को कार्यकारी सेना प्रमुख बनाने के पिछली सरकार के फैसले को निष्प्रभावी कर दिया।
सूचना एवं संचारमंत्री तथा सरकार के प्रवक्ता शंकर पोखारेल ने कहा कि सरकार ने पिछली सरकार द्वारा गत चार मई को लिए गए उस निर्णय को भी निरस्त कर दिया है, जिसमें सेना प्रमुख की बर्खास्तगी रोकने के राष्ट्रपति रामबरन यादव के कदम की निन्दा की गई है।
माओवादी नेता तथा तत्कालीन प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल प्रचंड ने सेना प्रमुख को बर्खास्त करने के कैबिनेट के फैसले को ठुकराने और कटवाल को बहाल रखने के राष्ट्रपति के निर्णय के विरोधस्वरूप गत चार मई को इस्तीफा दे दिया था।
माओवादियों ने राष्ट्रपति के निर्णय के विरोध में संसद की कार्यवाही में करीब एक महीने तक व्यवधान पैदा किया था। साथ ही देशभर में आंदोलन भी शुरू हो गया था।
प्रचंड सरकार ने 19000 माओवादी लड़ाकों को देश की सेना में शामिल करने के कदम को खारिज किए जाने के बाद कटवाल को बर्खास्त करने का फैसला लिया था।
मंत्रिमंडल द्वारा सेना प्रमुख की बर्खास्तगी के फैसले को निरस्त किए जाने के फौरन बाद माओवादी नेताओं ने इस पर यह कहते हुए गुस्से का इजहार किया है कि सरकार आमराय के माहौल को खराब कर रही है।
वरिष्ठ माओवादी नेता बाबूराम भट्टाराई ने कहा कि सरकार के इस फैसले से राजनीतिक आमराय के माहौल को क्षति हुई है और पार्टी नागरिक सर्वोच्चता की बहाली के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल के निर्णय से सरकार के साथ संवाद की सम्भावना खत्म हो गई है और अब हम आंदोलन पर ध्यान केन्द्रित करेंगे। |