पाकिस्तान में विपक्ष के नेता और क्रिकेट लीजेंड इमरान खान ने कहा है कि पश्चिमोत्तर क्षेत्र में जारी सैन्य अभियान के कारण देश के लिए ही खतरा पैदा हो गया है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका से भी अनुरोध किया कि वह अफगानिस्तान में अपनी गतिविधियाँ धीरे-धीरे सीमित करे।
एक अनुमान के अनुसार अशांत पश्चिमोत्तर क्षेत्र में अभियान में शामिल करीब 25 प्रतिशत जवान उसी पश्तून समुदाय के हैं, जिसके स्थानीय लोग हैं।
वॉशिंगटन थिंकटैंक मिड्ल ईस्ट इंस्टीट्यूट में खान ने कहा कि पाकिस्तान संकट में है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना के सामने नैतिकता का संकट है। सरकारी सैनिक कब तक अपने लोगों के खिलाफ ही युद्ध करते रहेंगे।
खान ने सीनेटर जॉन कैरी सहित कई सांसदों से भेंट की और कहा कि अमेरिका पाकिस्तान के पड़ोसी देश अफगानिस्तान में पहले अपना सैन्य अभियान समाप्त करे। अमेरिका में 11 सितंबर की घटना के बाद अफगानिस्तान में सैन्य अभियान शुरू किया गया था।
पूर्व क्रिकेटर इमरान खान ने कहा कि अमेरिका को अफगानिस्तान से बाहर निकलने की रणनीति पर विचार करना चाहिए। जब तक अफगानिस्तान में कुव्यवस्था है या वहाँ संघर्ष जारी है, पाकिस्तान के कबाइली इलाके में शांति नहीं हो सकती।
पाकिस्तानी सेना सात हफ्ते से अधिक समय से अशांत पश्चिमोत्तर प्रांत में कट्टरपंथियों के खिलाफ अभियान चला रही है। इसके पहले तालिबान के लड़ाके राजधानी इस्लामाबाद के करीबी इलाकों तक पहुँच गए थे। |