आतंकवाद के किसी भी रूप को असहनीय करार देते हुए भारत और अमेरिका इस मुद्दे पर समन्वय बनाने को लेकर सहमत हो गए हैं तथा दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से स्थायी और व्यापक तरीके से आतंकवाद से लड़ने के लिए साथ आने की अपील की है।
भारत-अमेरिका के 11वें आतंक विरोधी संगठित कार्य समूह की बैठक के बाद एक संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों देश आतंकवाद के हर रूप की निंदा करते हैं। बयान में आतंकवाद को लोकतंत्र, अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सबसे भयानक खतरा बताया गया है।
दोनों देशों ने यह भी दोहराया है कि आतंकी गतिविधि को किसी भी स्तर पर उचित नहीं ठहराया जा सकता। संयुक्त बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को दीर्घावधि तक सतत और व्यापक तरीके से आतंकवाद से मुकाबला करना होगा।
भारतीय प्रतिनिधिमण्डल का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए विशेष सचिव विवेक काटजू ने किया वहीं अमेरिका का प्रतिनिधित्व आतंकविरोधी समन्वयक डेनियल बेंजामिन ने किया। इस बैठक में दोनों देशों ने आतंकवाद से लड़ने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की।
दोनों देशों के प्रतिनिधिमण्डलों ने आपसी सहयोग और तकनीकी उन्नति के जरिये वैश्विक आतंकवाद के खतरे से मुकाबला करने पर भी जोर दिया।
इस बैठक में आतंकियों के आर्थिक पहलू, उनकी क्षमता और सूचना के विस्तार पर भी चर्चा हुई। दोनों देश मेलजोल और समन्वय बनाने के लिए तरीके खोजने पर भी सहमत हुए।
उल्लेखनीय है कि इस संगठन की अगली बैठक भारत में आयोजित की जाएगी लेकिन अभी उसकी तिथि निर्धारित नहीं की गई है। |