व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अगले पाँच वर्षों में पाकिस्तान को दी जाने वाली 7.5 अरब डॉलर की अमेरिकी आर्थिक सहायता के साथ शर्तें जोड़ने की अमेरिकी सांसदों की माँग का समर्थन करते हैं और अगर प्रगति नहीं हुई तो अमेरिकी रणनीति में फेरबदल होगा।
व्हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी रॉबर्ट गिब्स ने कहा कि राष्ट्रपति प्रगति सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायित्व की शर्त जोड़ने की हिमायत करते हैं और अगर प्रगति नहीं होती है तो हम अपनी रणनीति में फेरबदल करेंगे। गिब्स ने ओबामा के इस बयान का जिक्र किया कि कोई ब्लैंक चेक नहीं होना चाहिए और होगा भी नहीं।
गिब्स की ये टिप्पणियाँ व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के साथ ओबामा की मुलाकात से पहले आई हैं। जरदारी इस समय स्वयं त्रिपक्षीय वार्ता के लिए अमेरिका में हैं और देश के मौजूदा हालात पर अमेरिकी संसद के नेताओं को जानकारी मुहैया करा रहे हैं। अमेरिका में पाक को सशर्त सहायता देने की माँग इस बार जितना जोर पकड़ रही है, उतना इसके पहले कभी नहीं हुआ था।
जरदारी ने अपनी सरकार के लिए इस बार अधिक नागरिक और सैन्य सहायता की माँग की है। सहायता संबंधी मुद्दे पर सदन की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष हावर्ड एल. बर्मन ने पाक और अफगानिस्तान के मामलों के विशेष दूत रिचर्ड हॉलब्रुक से कहा कि हम पाकिस्तानियों से अपने उन वादों पर कायम रहने को कह रहे हैं, जो उन्होंने उन आतंकियों के खिलाफ लड़ने के लिए किए थे, जो हमारे और उनके देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुँचा रहे हैं। साथ ही हमने उन्हें इस प्रक्रिया में आगे बढ़ने को भी कहा है।
समिति की रैंकिंग सदस्य इलेना रास लेहतीनैन के पाक सेना के आतंकियों से लड़ने के वादे पर प्रश्न उठाने पर न्यूयॉर्क के वरिष्ठ डेमोक्रेट सांसद गैरी एकरमेन ने हालब्रूक को कटघरे में खड़ा करते हुए उनसे पूछा है कि अमेरिका जो कॉम्बेट एयरक्राफ्ट एफ-16 पाक को उपलब्ध करा रहा है, वह उसे आतंकियों से लड़ने में कैसे मदद करेगा। |