अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्टीफन हेडली ने कहा है कि निर्वाचित राष्ट्रपति बराक ओबामा के लिए पाकिस्तान के रूप में विदेश नीति की सबसे बड़ी चुनौती इंतजार कर रही है, क्योंकि उसका समस्याग्रस्त सीमावर्ती क्षेत्र न सिर्फ अफगानिस्तान स्थित अमेरिकी बलों, बल्कि भारत और उससे परे विश्व के समक्ष खतरा खड़ा कर रहा है।
हेडली के हवाले से वॉल स्ट्रीट जर्नल ने खबर दी कि निर्वाचित राष्ट्रपति बराक ओबामा के लिए इराक या अफगानिस्तान नहीं, बल्कि पाकिस्तान के रूप में विदेश नीति की सबसे बड़ी चुनौती इंतजार कर रही है। हेडली का कार्यकाल खत्म होने वाला है।
अखबार को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्र पर बढ़ती समस्याओं ने न सिर्फ अफगानिस्तान में अमेरिका के मिशन के समक्ष, बल्कि पड़ोसी देश भारत और इसके साथ ही देश के शहरी क्षेत्रों तथा विश्व के समक्ष भी खतरा खड़ा कर दिया है, जो कि हाल में मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों से प्रमाणित होता है।
हेडली ने अखबार से कहा कि अगर उग्रवादी पाकिस्तान को अस्थिर करने में कामयाब होते हैं तो इससे उत्पन्न होने वाली अव्यवस्थाएँ पूरे क्षेत्र के लिए खतरा होंगी।
उन्होंने कहा कि आप पाकिस्तान की समस्याएँ सुलझाए बिना अफगानिस्तान का हल नहीं निकाल सकते और यही कारण है कि मुझे लगता है कि पाकिस्तान आने वाले प्रशासन के लिए एक चुनौती है।
संभावना है कि अपने भाषण में हेडली इसराइल-फिलिस्तीन के दीर्घकालिक संघर्ष और ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को दबाने की कोशिशों के कारण अमेरिका के समक्ष मौजूद चुनौतियों को स्वीकार करेंगे।
हेडली ने कहा कि मध्य पूर्व में ईरान एक बड़ी समस्या बना रहेगा। जब अगला प्रशासन ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगा सके तब अमेरिका की पश्चिमी यूरोप में प्रगति होगी। |