पाकिस्तान ने मुंबई आतंकवादी हमलों के बारे में भारत की ओर से मुहैया कराए गए सबूतों को सीधे अविश्वसनीय करार देते हुए ठुकरा दिया और नई दिल्ली पर क्षेत्र को युद्ध की ओर धकेलने का आरोप लगाया।सबूत खारिज करने में इस्लामाबाद को महज 24 घंटे लगे। इन सबूतों में एकमात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी अजमल कसाब का इकबालिया बयान, मुंबई में मौजूद आतंकवादियों और पाकिस्तान में बैठे उनके आकाओं के बीच सैटेलाइट फोन पर हुई बातचीत का ब्योरा और अन्य सामग्री शामिल थी, जिसे कल पड़ोसी देश को इस्लामाबाद और नई दिल्ली दोनों स्थानों पर सौंपा गया था। मनमोहन के बयान पर नाराजी : इसके अतिरिक्त पाकिस्तान ने नई दिल्ली में मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह द्वारा दिए गए बयान पर नाराजगी जताई, जिसमें उन्होंने इस्लामाबाद पर आतंकवाद का इस्तेमाल राज्य नीति में करने का आरोप लगाया था।नेशनल असेंबली की विदेश मामलों की समिति के समक्ष पेश होते हुए विदेश राज्यमंत्री मलिक अहमद खान और विदेश सचिव सलमान बशीर ने भारत के सबूतों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया।हालाँकि रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि पाकिस्तान के किस नेता ने दौरे पर पहुँचे बाउचर से यह बात कही। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि पाकिस्तान ने किस आधार पर भारत द्वारा पेश किए सबूतों को नाकाफी करार दिया है।' द नेशन' ने विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से लिखा था कि मुम्बई हमलों के सिलसिले में गिरफ्तार अजमल कसाब का इकबालिया बयान जबरन कहलाई गई बातें थीं।कसाब के बयानों को मान्यता नहीं : अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत द्वारा सौंपे गए सबूत कसाब के बयान पर आधारित हैं। कसाब भारतीय खुफिया एजेंसियों की गिरफ्त में है और मुमकिन है कि उसे प्रताड़ित कर उसका बयान रिकॉर्ड किया गया हो, लिहाजा उसकी कोई कानूनी मान्यता नहीं है। पाकिस्तान भारत के सबूतों पर एक-दो दिन में जवाब दे सकता है।पाकिस्तान में भारत के खिलाफ फतवाभारत ने सौंपी आतंकियों के आकाओं की सूचीआतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है पाक-मनमोहनआतंकवाद की लड़ाई में अगुआ बने भारत-मोदीसूचनाओं का आदान-प्रदान जरूरी-गृहमंत्रीलश्कर के साथ संबंध नहीं-जमातपाक से जुडे हैं आतंकियों के तार-बाउचर |