पश्चिम एशिया में शांति प्रयास की कूटनीतिक कोशिशों के बीच मंगलवार को 11वें दिन भी गाजा के तमाम प्रमुख शहरों पर टैंकों और युद्धक हेलिकॉप्टरों के साथ इसराइली सेना का हमला जारी रहा।
इसराइली सेना ने अपने आक्रमण का दायरा और भी फैला दिया और उसके टैंक आज सुबह दक्षिणी गाजा पट्टी के खान युनिस शहर में घुस गए। इस बीच एएफपी की एक रिपोर्ट के अनुसार विदेशी पत्रकारों को युद्ध के कवरेज की अनुमति देने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद इसराइल ने इसराइली हमलों से जर्जर गाजा पट्टी में पत्रकारों को आज भी प्रवेश नहीं करने दिया।
आज की लड़ाई में कम से कम 22 लोग मारे गए और 40 के लगभग घायल हुए। अब तक इन हमलों में 580 से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। आज मारे गए लोगों में विशिष्ट गोलान ब्रिगेड के चार इसराइली सैनिक भी शामिल हैं। ये चारों उस वक्त अपने ही हमवतनों के हाथों मारे गए, जब इसराइली सैनिकों ने जबलिया शरणार्थी शिविर में गलती से उन पर ही गोलीबारी कर दी।
तेल अबीब में इसराइली सेना के एक प्रवक्ता ने कहा अब तक पाँच इसराइली सैनिक मारे गए हैं। इसराइल के ताबड़तोड़ हवाई हमलों में तीन स्कूल नष्ट हो गए। ये तीनों स्कूल संयुक्त राष्ट्र के संचालन में चलने वाले हैं। संयुक्त राष्ट्र और फलस्तीनी अधिकारियों ने आज कहा कि स्कूलों पर इसराइली हमले में 10 लोग मारे गए। दूसरी ओर फलीस्तीनी डॉक्टरों के मुताबिक गाजा पट्टी स्थित जपालिया शरणार्थी शिविर में संयुक्त राष्ट्र शिविर पर हुए इसराइली हमले में कम से कम चालीस लोगों की मौत हो गई।
इसराइली सैनिकों ने गगनचुंबी इमारतों पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने सुरंगों पर भी हमला किया है। इसराइली सैनिक हमास के राकेटों को खोजने के लिए मस्जिदों और अन्य जगहों की तलाशी ले रहे हैं।
बहरहाल वायुसेना नौसेना और थलसेना की मदद से चौतरफा ताबड़तोड़ और बेपनाह हमलों के बावजूद इसराइली सेना गाजा में सत्तारूढ़ हमास के मनोबल तोड़ नहीं पाई है।
हमास ने इसराइल पर राकेट दागने का सिलसिला आज भी जारी रखा। हमास का एक रॉकेट इसराइल में 45 किलोमीटर अंदर गिरा और उससे एक बच्चे को थोड़ी चोट आई। हमास ने आज कम से कम पाँच राकेट दागे।
इस बीच गाजा में हिंसा को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास ने गति पकड़ी है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति क्षेत्र की तीन दिन की यात्रा पर हैं। वह युद्धविराम की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई जगहों की यात्रा करेंगे।
कूटनीतिक प्रयासों में आई तेजी के बीच एक यूरोपीय शिष्टमंडल क्षेत्र की यात्रा कर रहा है। हमास का शिष्टमंडल मिस की यात्रा पर है और अरब सरकारें युद्धविराम के लिए संयुक्त राष्ट्र पर दबाव डाल रही हैं।
रक्षा विश्लेषक ये दलील दे रहे हैं कि इसराइल और हमास दोनों ही पक्ष वर्तमान स्थिति से कूटनीतिक निकास हासिल करना पसंद करेंगे, लेकिन दोनों ही किसी भी युद्धविराम से पहले वरदहस्त पाने की कोशिश करेंगे।
इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओलमर्त ने कल फ्रांसीसी राष्ट्रपति निकोलस सारकोजी से कहा था कि वे गाजा में तत्काल युद्धविराम का आह्वान करने वाले किसी प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पेश होने से रोकें।
ओलमर्त की दलील है कि इसराइल ने अपने नागरिकों की जान की रक्षा करने के लिए यह हमला किया है। उन्होंने सारकोजी से कहा ऑपरेशन का लक्ष्य हमास नेतृत्व को तबाह नहीं करना है, जबकि हम इसे करने में सक्षम है।
सुरक्षा परिषद की बैठक बुधवार को होने वाली है। फ्रांस अभी इसकी अध्यक्षता कर रहा है। इस बीच एएफपी की एक रिपोर्ट के अनुसार फारेन प्रेस एसोसिएशन (एफपीए) ने गाजा पर इसराइली हमले के कवरेज के लिए गाजा पट्टी में पत्रकारों के प्रवेश पर लगी इसराइली रोक का कड़ा विरोध किया।
इसराइल सरकार के प्रेस कार्यालय का कहना है कि विदेशी मीडिया के लिए वह अपने सैनिकों की जान को जोखिम में नहीं डालेगा। इसराइली सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इसराइल सरकार को आदेश दिया था कि वह विदेशी पत्रकारों को गाजा पट्टी में प्रवेश की इजाजत दे और इस क्रम में पहले समूह के लिए आठ नामों का चुनाव भी किया गया। गत 27 दिसंबर से गाजा पर इसराइली हमले में 100 से ज्यादा बच्चे समेत 580 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं।
हमास के 130 लड़ाके ढेर : इसराइली सेना ने सप्ताहांत से गाजा में शुरू किए गए जमीनी हमले में अब तक 130 हमास लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया है। सेना प्रवक्ता ने बताया गाजा पट्टी में पिछले दो दिन से छिड़ी लड़ाई में हमास के 130 आतंकवादी मारे गए हैं।
हमास के रॉकेट हमलों को रोकने के लिए उसके ठिकानों पर वायुसेना तथा नौसेना द्वारा कार्रवाई शुरू किए जाने के एक सप्ताह बाद इसराइल ने शनिवार को गाजा में सैनिकों को मोर्चे पर तैनात कर दिया था। |