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पाकिस्तान में भारत के खिलाफ फतवा
धार्मिक विद्वानों और उलेमाओं के एक गुट ने फतवा जारी कर कहा है कि देश पर भारत के किसी भी हमले की स्थिति में जेहाद पाकिस्तान के हर नागरिक का कर्त्तव्य होगा।

यह फतवा तहफूज-ए-नमूस-ए-रिसालत महाज द्वारा सोमवार को लाहौर के जामिया नाइमिया सेमिनरी में आयोजित एक सम्मेलन में जारी किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री नूरुल हक कदरी ने की। इस बैठक का आयोजन 'युद्ध संबंधी भारतीय धमकी' की स्थिति में सुरक्षा चिंताओं पर विचार-विमर्श के लिए किया गया था।

धार्मिक नेताओं द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारत के साथ वैमनस्यता की स्थिति में पाकिस्तान सरकार पश्चिमी सीमा पर आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में अमेरिका को समर्थन करना बंद करे।

सम्मेलन में माँग की गई कि पाकिस्तान को भारतीय दबाव की ओर बहुत ध्यान नहीं देना चाहिए और एक संप्रभु देश के हिसाब से साहसपूर्ण तथा स्वतंत्र कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय षड्‍यंत्र का दुनिया के सामने पर्दाफाश करना चाहिए।

विज्ञप्ति के अनुसार उलेमाओं और विद्वानों ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान की परमाणु क्षमता का उद्देश्य किसी विदेशी हमले की स्थिति में देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान अपने परमाणु वैज्ञानिकों खासकर अब्दुल कदीर खान का सम्मान करता है।
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