अब वैज्ञानिक डॉल्फिन से बातें करने की तैयारी में जुटे है। ब्रिटिश और अमेरिकी वैज्ञानिकों की एक टीम ने डॉल्फिन की आवाजों का हाई डेफिनेशन इम्प्रिंट बनाने मे सफलता हासिल की है।
इससे इस बात का अनुमान लगाया जा रहा है कि अब इनसान डॉल्फिन की भाषा को आसानी से समझ पाएँगे। इस शोध से जुड़े जैक केसेविज का कहना है कि हमारा लक्ष्य है कि हम डॉल्फिन के साथ सादी भाषा मे बात कर सकें और वे हमारी बात सुनें और समझ भी सकेंगी।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह मुश्किल लग सकता है पर असंभव नही है। इस प्रयोग के लिए साइमास्कोप तकनीक का उपयोग किया जा रहा है जो डॉल्फिन की आवाजों की तरंगों को डिजिटल स्वरूप प्रदान कर एक प्रिंट तैयार करती है।
इस बात के पक्के सबूत हैं कि डॉल्फिन आवाजों को देख सकती है, ठीक उसी तरह जैसे हम गर्भ में विकसित हो रहे शिशु को अल्ट्रासाउंड तकनीक से देख सकते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य मे शायद हम डॉल्फिन के साथ ठीक उसी तरह से बात कर पाएँगे जैसे हम इनसानों से करते हैं। (नईदुनिया) |