पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल अश्फाक परवेज कियानी ने सोमवार को मुंबई हमलों के बाद भारत के साथ बढ़ते तनाव को कम करने और टकराव से परहेज करने की जरूरत पर बल दिया।
चीन के उपविदेश मंत्री ही याफेई के साथ बातचीत के दौरान कियानी ने यह टिप्पणी की है, जो संभवतः मौजूदा माहौल के मुद्दे पर उनका पहला बयान है। याफेई भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को दूर करने के इरादे से यहाँ आए हैं।
कियानी और ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल तारिक माजिद की चीनी उपविदेश मंत्री के साथ बैठक के बाद जारी संक्षिप्त सैन्य बयान में कहा गया है सेना प्रमुख ने शांति और सुरक्षा के हित में तनाव को कम करने और टकराव से परहेज किए जाने की जरूरत पर बल दिया है।
टेलीविजन चैनलों की रिपोर्ट के मुताबिक कियानी ने दावा किया कि भारत के साथ तनाव के बीच पाकिस्तान संयम बरते हुए है, लेकिन किसी भी प्रकार के हमले की स्थिति से निपटने के लिए देश को अपनी रक्षा करने का अधिकार है।
रिपोर्ट के मुताबिक कियानी और माजिद ने गत महीने मुंबई हमलों के बाद भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ लगाए गए आरोप को आधारहीन बताया।
सैन्य नेताओं के हवाले से टेलीविजन चैनलों की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान संयम बरत रहा है, लेकिन किसी भी प्रकार के हमले का उपयुक्त जवाब दिया जाएगा।
पाकिस्तान के दौरे पर रविवार को यहाँ पहुँचे ही याफेई ने गृहमंत्री रहमान मलिक के अलावा विदेश सचिव सलमान बशीर से भी मुलाकात की है।
चीनी विदेश मंत्री यांग जीची के अपने भारतीय और पाकिस्तानी समकक्ष क्रमशः प्रणव मुखर्जी और शाह महमूद कुरैशी के साथ उपमहाद्वीप की स्थिति पर चर्चा के बाद याफेई की यह यात्रा हो रही है।
यांग ने दोनों देशों से शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने की अपील की है।
चीनी उपविदेश मंत्री का पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से भी मिलने का कार्यक्रम है। पिछले कुछ दिनों में भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने के लिए चीन ने प्रयास तेज किए हैं। |