श्रीलंका की बौद्ध नगरी अनुराधापुरा में सोमवार को एक पूर्व प्रमुख सेना जनरल जनक परेरा, उनकी पत्नी और अनेक प्रांतीय नेताओं समेत 27 लोग उस समय मारे गए और 8 अन्य घायल हो गए, जब एक संदिग्ध लिट्टे आत्मघाती हमलावर ने एक बस स्टैंड के पास विस्फोट कर खुद को उड़ा दिया।
सेना प्रवक्ता उदय नानायकारा ने बताया आत्मघाती हमलावर ने उस समय विस्फोट किया, जब यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) की नई इमारत का उद्घाटन किया जा रहा था। इस आत्मघाती हमले में मरने वालों में उत्तर-मध्य प्रांतीय परिषद में विपक्ष के नेता एवं श्रीलंका सेना के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ परेरा भी शामिल हैं।
हमला ऐसे समय हुआ, जब तमिल विद्रोही संगठन लिट्टे किलिनोची में अपने प्रशासनिक मुख्यालय को श्रीलंकाई सेना के कब्जे से बचाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहा है। सैन्य सूत्रों ने बताया परेरा लिट्टे के एक वस्तुगम लक्ष्य थे, क्योंकि उन्होंने तमिल विद्रोहियों के खिलाफ अनेक सफल अभियानों का नेतृत्व किया था।
वर्ष 1987-89 के दौरान उन्होंने जेवीपी के उभार को रोकने में प्रमुख भूमिका निभाई थी, तब वे श्रीलंकाई सेना में कर्नल थे। वे उत्तर-पश्चिमी प्रांत के प्रांतीय कमांडर और उसके साथ ही कोलंबो में ऑपरेशन कंबाइन के विशेष अभियान के प्रभारी थे। इस अभियान में जेवीपी नेता रोहण विजेवीरा को पकड़ा गया था।
बाद में ब्रिगेडियर के पद पर आसीन रहते हुए उन्होंने ऑपरेशन रिविरेसा में एक बड़ी भूमिका निभाई। इस ऑपरेशन में जाफना प्रायद्वीप लिट्टे से मुक्त कराया गया। |