प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष हावर्ड बर्मन ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी कांग्रेस को तब तक जल्दबाजी में भारत-अमेरिका असैनिक परमाणु करार को पूरा नहीं करना चाहिए जब तक कि बुश प्रशासन यह साबित नहीं कर दे कि भारत केंद्रित छूट हासिल करने के लिए उसने एनएसजी में कोई अलग सौदेबाजी।
भारत-अमेरिका परमाणु करार के विरोधी बर्मन ने कहा कि जब तक बुश प्रशासन वियना में परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की बैठक में हुई बातचीत के बारे में और सूचना नहीं देता है तब तक वह भारत-अमेरिका समझौते पर गौर करने के लिए त्वरित समय सीमा पर विचार नहीं करेंगे।
डेमोक्रेट नेता ने अपने पूर्ववर्ती टॉम लैंटोस द्वारा पूछे गए 45 सवालों का विदेश मंत्रालय द्वारा 26 पन्नों में दिए गए जवाब से संबंधित दस्तावेज को जारी कर भारत में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया था।
पत्र में करार के संबंध में कुछ अहम शर्तों की भारत की ओर से की गई व्याख्या और अमेरिकी रुख में विरोधाभास दिख रहा था।
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