-वेबदुनिया डेस्क पृथ्वी पर अन्य किसी प्राणी की तुलना में बीटल कीड़े की प्रजातियों की संख्या में अधिकता क्या यह बताने के लिए पर्याप्त है कि इन प्रजातियों का बड़ी तेजी से रूपांतरण या आकृति में परिवर्तन हो रहा है। नर डंग बीटल्स के जननांग में हो रहे तेजी से बदलाव से यह बात भी साफ होती है कि कुछेक वर्षों में ही इन कीड़ों की नई प्रजातियाँ पैदा हो सकती हैं।
ब्लूमिंगटन की इंडियाना विश्वविद्यालय के आर्मीन मोजेक और उनके साथियों ने पूर्वी और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया, इटली और अमेरिका के बड़े सीगों वाले बीटल्स की एक प्रजाति के चार जनसंख्याओं का अध्ययन किया। इन वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में पाया कि पश्चिम ऑस्ट्रेलिया में पाए जाने वाली बीटल्स के सींग छोटे होते हैं और उनका जननांग बड़ा होता है, परंतु अमेरिका में पाए जाने वाले बीटल्स इसके ठीक उल्टे हैं।
कहने का मतलब है कि अमेरिका के बीटल्स के सींग बड़े और जननांग छोटा है। एशिया, यूरोप और दक्षिण अमेरिकी देशों में पाई जाने वाली दस अन्य बीटल्स प्रजातियों में भी सींग और जननांग के आकारों में अंतर देखा गया था। इस संबंध में उल्लेखनीय है कि प्यूपा के स्तर पर अंगों के विकास में पोषक तत्वों की सीमित मात्रा में आपूर्ति होना चाहिए।
पर इस स्तर पर अंगों के निर्माण के दौरान अगर कोई एक अंग बड़ा हो जाता है तो दूसरे अंग की यौन बढ़ोत्तरी प्रभावित होती है। इसलिए जिन नर बीटल्स के बड़े बड़े सींग होते हैं उनके जननांग छोटे होते हैं और जिनके जननांग बड़े होते हैं उन बीटल्स के सींग छोटे होते हैं। मजबूत नर बीटल्स, मादाओं का साथ पाने के लिए बड़े सींगों की सहायता से लड़ते हैं, लेकिन कमजोर नर बीटल्स मादा के साथ तब संपर्क बनाने में यकीन करते हैं, जबकि अन्य बीटल्स मादाओं पर अपने अधिकार को लेकर लड़ रहे होते हैं।
बीटल्स के लिए कौन-सी रणनीति कारगार सिद्ध होगी, वह इस बात पर निर्भर करती है कि इनकी जनसंख्या कितनी है। जब मादाएँ ज्यादा होती हैं तो लड़ाई सफल होती हैं और बड़े सींगों वाले बीटल्स को ज्यादातर मादाओं का साथ मिलता है। पर जब मादा बीटल्स की संख्या कम होती है तो लड़ाई करना बेकार ही सिद्ध होता है। इसलिए शरीर का रूपांतरण छोटे सींगों वाले बीटल्स के पक्ष में होता है।
पर चूँकि विभिन्न जननांग वाले बीटल्स मादाओं के साथ यौन संसर्ग कर संतानोत्पत्ति में सक्षम नहीं होंगे इसलिए मोकाक का सोचना है कि जल्दी ही चार जनसंख्याओं वाले बीटल्स की आबादी विभिन्न प्रजातियों में बदल जाएगी। उनका कहना है कि लाखों वर्षों से अलग अलग रहे बीटल्स की प्रजातियों में बदलाव के लिए मात्र पचास वर्ष ही काफी होंगे।
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