अलकायदा ने आज एक और इंटरनेट वीडियो जारी किया। इस वीडियों में पिछले महीने कथित रूप से मारे गए संगठन के ग्रुप लीडर मुस्तफा अबू अल यजीद को अपने दुश्मन मुल्कों को धमकाते हुए दिखाया गया है।
यह वीडियो एक फिदायीन हमलावर पर आधारित है, जिसने इस्लामाबाद में दो जून को डेनमार्क के दूतावास पर हमला किया था। छह लोगों की जान लेने वाला यह हमला डेनमार्क के अखबारों में हजरत मुहम्मद साहब का कथित कार्टून छापे जाने के विरोधस्वरूप किया गया था।
वीडियो में अबू अल यजीद ने कहा कि हमने उन मुल्कों, जो अपने मीडिया का सहारा लेकर हमारे पैगम्बर हजरत मोहम्मद और कुरान शरीफ की बेअदबी करते हैं, हमारी जमीनों और दौलत पर कब्जा करके हमारे भाइयों को कत्ल करते हैं, को पहले भी आगाह किया था और हम उन्हें एक बार फिर चेतावनी देते हैं।
इस्लामिक वेबसाइटों पर डाले गए इस वीडियो में यजीद ने कहा कि डेनमार्क के दूतावास पर हमला और उससे पहले की गई ऐसी ही कार्रवाई तो बस शुरुआत ही हैं। अगर दुश्मनों ने अपनी कारगुजारियाँ बंद नहीं की तो यह मुहिम और तेज कर दी जाएगी।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने 12 अगस्त को बताया था कि अबू अल यजीद उर्फ अबू सईद अल मसरी अफगानिस्तान की सीमा के पास पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा जा चुका है।
अलकायदा की मीडिया शाखा अस-सहब द्वारा जारी 'द वर्ड इज द वर्ड ऑफ सोर्ड्स' शीर्षक वाला यह 54 मिनट का वीडियो वृत्तचित्र की तरह फिल्माया गया है। यह वीडियो पिछले महीने तैयार हुआ, मगर इसमें दिखाए फुटेज अलग-अलग समय पर फिल्माए गए प्रतीत होते हैं।
एक फुटेज में एक नौजवान फिदायीन हमलावर को दिखाया गया है, जो एक कार के पास खड़ा है। यह कार ही सम्भवतः डेनमार्क के दूतावास पर हमले में इस्तेमाल की गई थी। उस आतंकवादी ने कहा कि डेनमार्क के लोगों को मेरा आखिरी संदेश यह है कि यह बदले की न तो पहली और न ही अंतिम कार्रवाई है। उसने कहा कि शेख ओसामा बिन लादेन और मुजाहिदीन तुम लोगों को नहीं छोड़ेंगे।
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