स्कॉटलैंड के एक गरीब बॉडी बिल्डर से हॉलीवुड के सबसे करिश्माई हीरो बनने वाले अभिनेता सीन कॉनेरी के बारे में उनके करीबी लोगों का कहना है कि वे पैसों को लेकर बहुत अधिक चिंतित रहते हैं। इतना ही नहीं, अगर उन्हें लगता कि कोई काम करने से उन्हें पैसे नहीं मिलेंगे तो वे वह काम भी नहीं करना चाहते थे। एक बार जब उनसे पूछा गया कि वे अपने ऑटोग्राफ क्यों नहीं देते हैं तो उनका जवाब था कि मुझे ऑटोग्राफ देने के लिए पैसे नहीं मिलते हैं, इसलिए क्यों हस्ताक्षर करूँ?
पैसों को लेकर उनका जो रवैया रहता था उससे वे फिल्म निर्माता भी आतंकित रहते थे जो उन्हें लेकर फिल्में बनाते थे। हालाँकि वे गरीब नहीं थे और उनके पास भी पर्याप्त पैसा था, लेकिन उन्हें हमेशा ही यह लगता रहा है कि उनकी फिल्में जितना अधिक पैसा बनाती हैं उस लिहाज से उन्हें पैसा नहीं मिलता है।
जब उन्हें बांड की भूमिका मिली तो उनके दिमाग में यह बात घर कर गई कि उनके बैंक खाते में कम से कम 10 लाख पाउंड स्टर्लिंग की राशि होनी चाहिए। शायद उनका सोचना था कि एक बार लाखों की राशि जमा हो जाए तो वे खुद को सुरक्षित महसूस कर सकेंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। यह राशि उन्होंने 1965 की शुरुआत में जमा कर ली थी।
हालाँकि ऐसा भी नहीं था कि उन्हें कम पैसा मिलता था, लेकिन उनकी तीसरी बांड फिल्म 'गोल्डफिंगर' ने तब एक करोड़ 40 लाख पाउंड की कमाई की थी। उन्हें पारिश्रमिक के अलावा लाभ की कुल राशि पर पाँच फीसदी राशि भी मिली। फिल्मों में वे बड़ी शानो-शौकत का जीवन बिताते दिखाए जाते थे, लेकिन असली जिंदगी में वे बहुत कम पैसा खर्च करते रहे हैं। अभी भी उनके पास एक पुरानी वॉक्सवैगन कैम्पर वैन है। उन्होंने एक पुरानी जगुआर भी खरीदी। वेस्ट लंदन के इलाके में एक जर्जर मकान खरीदा और अपना समय क्लबों, होटलों में खर्च करने की बजाय उनकी शामें घर पर गुजरीं।
वर्ष 1962 में कॉनेरी को डॉ. नो की भूमिका निभाने के लिए चुना गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने निर्माता ब्रोकोली पर मुकदमा कायम कर दिया था। पर उनका कहना है कि पैसा बहुत महत्वपूर्ण है। और अभी भी उनके पास 8 करोड़ 50 लाख पाउंड की राशि है, लेकिन अभी भी पैसा उनके लिए बहुत अहम है। इतना अहम है कि पिछले माह उनकी पहली पत्नी, डियान क्लिंटो ने दावा किया कि उन्होंने अपनी वसीयत में से अपने इकलौते पुत्र जैसन को एक भी पैसा देने से मना कर दिया है। हालाँकि वे इससे इनकार करते हैं।
उनके बारे में यह भी कहा जाता है कि जिन लोगों ने कॉनेरी की मदद की उन्होंने पैसों की खातिर उनके साथ भी मुकदमेबाजी की और उन्हें कंगाल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जल्दी ही सर कॉनेरी की आत्मकथा आने वाली है, लेकिन क्या उसमें इस तरह की एक भी बात बताई जाएगी?
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