बलूच राष्ट्रवादी पार्टी के दिवंगत नेता नवाब अकबर बुग्ती के बेटे ने पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पुलिस को एक आवेदन दिया है। नवाब अकबर बुग्ती पूर्व सैन्य शासक मुशर्रफ द्वारा अधिकृत एक सैन्य अभियान में मारे गए थे।
बुग्ती के बेटे नवाबजादा तलाल अकबर बुग्ती ने अपने पिता और उनके कबीले के 66 अन्य व्यक्तियों की हत्या के सिलसिले में मुशर्रफ के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए क्वेटा शहर के पुलिस थाने में एक आवेदन दिया है।
नवाबजादा तलाल अकबर बुग्ती जम्हूरी वतन पार्टी के एक गुट का नेतृत्व कर रहे हैं। पुलिस अधिकारी जेडएस काजमी ने उन्हें बताया कानून के तहत मामला केवल उन्हीं के इलाके में दर्ज किया जा सकता है, जहाँ अकबर बुग्ती मारे गए थे।
काजमी ने कहा शहर के पुलिस थाने में मामला दर्ज नहीं किया जा सकता, क्योंकि घटना इसके अधिकार क्षेत्र में नहीं हुई थी। नवाबजादा बुग्ती का दावा है कि कोई भी नहीं जानता कि उनके पिता और उनके समर्थकों की हत्या कहाँ हुई थी। नवाबजादा ने यह आवेदन कल मुशर्रफ द्वारा इस्तीफे की घोषणा किए जाने के तत्काल बाद दिया था।
आवेदन में मुशर्रफ के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री शौकत अजीज, पूर्व गवर्नर ओवैस अहमद घनी, मुख्यमंत्री जाममीर मोहम्मद यूसुफ, गृहमंत्री शोएब नौशेरवानी, पूर्व गृहमंत्री आफताब अहमद शेरपाओ और रक्षामंत्री राव सिकंदर इकबाल के नाम भी हैं।
बुग्ती का कहना है ये सभी लोग पूर्व सरकार के पदाधिकारी थे और उनके पिता तथा उनके 66 समर्थकों की हत्या में शामिल थे। उन्होंने कहा पूर्व राष्ट्रपति को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हत्या के सिलसिले में पूछताछ के लिए उन्हें पुलिस की हिरासत में रखना चाहिए और उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाना चाहिए।
अगस्त 2006 में पाकिस्तान के सशस्त्र बलों के एक अभियान में 79 वर्षीय बुग्ती मारे गए थे। मुशर्रफ ने उनकी मौत को पाकिस्तानियों के लिए एक जीत बताया था और बलूच नेता के खिलाफ अभियान चलाने वाले अधिकारियों को बधाई दी थी। संघीय मंत्री और दक्षिण पश्चिमी बलूचिस्तान के गवर्नर रह चुके अकबर बुग्ती लंबे समय से बलूच राष्ट्रवादियों के संघर्ष से जुड़े थे।
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