पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के इस्तीफे के बाद कहा पाकिस्तान की संसद सर्वोच्च हो गई है। यह लोकतंत्र की जीत है।
नेशनल असेंबली के सत्र से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन के सांसदों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे गिलानी ने कहा राष्ट्र के नाम संदेश में मुशर्रफ द्वारा इस्तीफे की घोषणा से पूरा देश खुश है।
कुछ सांसदों ने इस दौरान माँग की कि संविधान के उल्लंघन के लिए मुशर्रफ पर मुकदमा चलाया जाए। सांसदों ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति को देश से सुरक्षित निर्वासन नहीं दिया जाना चाहिए।
अनेक सांसदों ने लोकतंत्र को इसके वास्तविक अर्थ में बहाल करने के लिए संविधान के 17वें संशोधन और धारा 58 2बी को रद्द करने की माँग की, जो राष्ट्रपति को अधिकार प्रदान करते हैं।
अवामी नेशनल पार्टी के प्रमुख और गठबंधन के प्रमुख नेता असफंदयार वली खान ने कहा मुशर्रफ का इस्तीफा पाकिस्तान के सामने आ रहीं सभी समस्याओं का हल नहीं है।
उन्होंने कहा असली युद्ध तो कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए और बेरोजगारी तथा महँगाई के खिलाफ जारी रहेगा। तहरीक-ए-इंसाफ प्रमुख इमरान खान ने इस्तीफे की तारीफ की और कहा कि सरकार को बर्खास्त न्यायाधीशों को बहाल करने में अब और देरी नहीं करना चाहिए।
जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख काजी हुसैन अहमद ने मुशर्रफ के इस्तीफे का स्वागत करते हुए कहा कि सुरक्षित निर्वासन के बजाय मुशर्रफ के अपराधों के लिए उन पर मुकदमा चलना चाहिए, जो उन्होंने अपने कार्यकाल में किए।
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