दक्षिण अफ्रीका में रह रहे एक भारतीय बस ड्रायवर के यहाँ पैदा हुईं एन. पिल्लई संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन का आयुक्त बनाया गया है।
भारतीय मूल की 67 वर्षीय सुश्री पिल्लई दक्षिण अफ्रीका की नागरिक हैं और 2003 से अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय हेग में न्यायाधीश हैं। विवादित और हाई प्रोफाइल माने जाने वाले इस संगठन के मुखिया पद पर चार वर्षीय कार्यकाल के लिए उनका नाम गुरुवार को घोषित किया गया, जिसे 192 सदस्यीय महासभा सोमवार को अनुमोदित करेगी।
गर्भपात और जिम्बाब्वे के संबंध में उनके विचारों से असमहत रहे अमेरिका सहित कई पश्चिमी राष्ट्रों ने उनकी नियुक्ती का विरोध किया था, लेकिन आखिरकार उन्हें 30 जून को रिटायर हुए लुइस आरबोर का उत्तराधिकार चुन लिया गया। सुश्री पिल्लई पहली महिला थीं, जिन्होंने 1968 में द. अफ्रीका में वकालात शुरू की और पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला तक के लिए लड़ाई लड़ी।
1982 में हार्वड से अपनी दूसरी विधि की डिग्री लेने वाली सुश्री पिल्लई को 1995 में रवांडा के लिए बने अंतरराष्ट्रीय अपराधिक न्यायाधिकरण का न्यायाधीश भी चुना गया था।
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