रूस ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने उसकी सीमा के नजदीक प्रक्षेपास्त्ररोधी प्रणाली तैनात की तो वह इसके खिलाफ सैन्य साधनों का इस्तेमाल करेगा।
रूसी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि अगर चेक गणराज्य में अमेरिका के प्रक्षेपास्त्ररोधी कवच की स्थापना के बारे में हुए समझौते को वहाँ की संसद मंजूरी देती है, तो मास्को को मजबूरन सैन्य तरीकों का इस्तेमाल करना पडे़गा।
मंत्रालय की और से एक बयान में कहा गया है कि अगर अमेरिका हमारी सीमा के नजदीक 'मिसाइल डिफेंस सिस्टम' तैनात करता है तो इसका कूटनीतिक नहीं, बल्कि सैन्य जवाब दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका की विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस और चेक गणराज्य के विदेश मंत्री ने मंगलवार को राजधानी प्राग में एक करार पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत अमेरिकी सेना को प्राग के दक्षिण-पश्चिम में एक राडार स्टेशन बनाने की अनुमति मिल गई है। रूसी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस करार से यूरोप की सुरक्षा मजबूत नहीं हुई है, बल्कि इसने महाद्वीप की सुरक्षा समस्याओं को और जटिल बना दिया है।
करार के साथ ही प्रक्षेपास्त्ररोधी प्रणाली के बारे में सलाह मशविरे के लिए अमेरिका और रूस के बीच हुआ समझौता भी प्रभावहीन हो गया है।
अमेरिका का तर्क है कि ईरान जैसे दुश्मन देशों के मिसाइलों हमलों से बचने के लिए उसे प्रक्षेपास्त्ररोधी कवच की जरूरत है, जबकि रूस का कहना है कि यह प्रणाली अनावश्यक है और इससे उसकी सुरक्षा को खतरा होगा।
रूस को आशंका है कि अमेरिका उसकी प्रक्षेपास्त्र प्रणालियों की टोह लेने और उन्हें निशाना बनाने के लिए यूरोप में मिसाइल डिफेंस सिस्टम स्थापित करना चाहता है।
रूस और अमेरिका ने प्रक्षेपास्त्ररोधी प्रणाली के बारे में क्रेमलिन की चिंताओं को दूर करने के लिए कुछ प्रस्तावों पर चर्चा की थी। इसमें कवच स्थलों पर रूसी सेना के अधिकारियों की तैनाती और वहाँ होने वाली गतिविधियों के बारे में रूस को वीडियो उपलब्ध कराना भी शामिल था।
विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि हमारे अमेरिकी सहयोगियों ने विश्वास बहाली और निगरानी उपायों के संबंध में हमसे जो आधे-अधूरे वादे किए थे, उन्हें भी उन्होंने प्रभावहीन बना दिया है।
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