अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा प्रायोजित 'डिजाइन ऑफ ट्रांसपोर्ट एअरक्रॉफ्ट फॉर द फ्यूचर' प्रतियोगिता में दो भारतीय छात्रों ने दूसरा पुरस्कार जीता है।
चेन्नई में गुन्दी स्थिति अन्ना यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के आर. अनुषा और एस. श्रीनाथ ने यह कामयाबी हासिल की है। उनके डिजाइन को संकाय सलाहकार डॉ. ई. नटराजन ने देखा।
ऑस्ट्रेलिया के यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नालॉजी के गेरी रेडमैन ने कन्सपच्यूअल एअरक्रॉफ्ट फॉर 2058 के लिए पहला पुरस्कार जीता।
अगली पीढ़ी के विमानों तथा मालवाहक विमानों की काल्पनिक डिजाइन के लिए आयोजित प्रतियोगिता में दुनियाभर के 14 कालेजों और विश्वविद्यालयों के 61 छात्रों ने भाग लिया।
नासा के एअरोनॉटिकल रिसर्च मिशन डायरेक्टरेट के तहत फंडामेंटल एअरोनॉटिक्स प्रोग्राम द्वारा प्रायोजित वार्षिक प्रतियोगिता में 14 दलों तथा छात्रों ने डिजाइन प्रस्तुत किए।
सबसे अधिक अंक हासिल करने वाला स्नातक दल अमेरिका में अटलांटा के जार्जिया टेक का रहा। प्रतिभागियों से एक ऐसे भावी सबसोनिक मालवाहक विमान की डिजाइन तैयार करने को कहा गया जो 50 हजार पौंड तक भार ले जा सके तथा 1500 से 3 हजार फुट लम्बे रवने से परिचालित हो सके।
एक ऐसे विमान की भी डिजाइन तैयार करनी थी जो 595 और 625 मील प्रतिघंटा की गति से उड़ सके। विमानों की डिजाइन इस तरह भी होनी थी कि वे पर्यावरण के लिहाज से अनुकूल हों और उनमें वैकल्पिक ईधन इस्तेमाल हो सके।
जजों ने जो मानदंड रखे थे उनमें सृजनशीलता, कल्पना, व्यवहार्यता तथा वाजिब लागत प्रमुख थे। प्रतिभागियों से डिजाइन की अवधारणा पर चर्चा भी की गई।
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