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अधेड़ों को स्मृतिलोप का अधिक खतरा  Search similar articles
यदि आप 40 साल और इसके आसपास की उम्र में उच्च रक्तचाप से ग्रसित होते हैं तो यह आपके दिल के लिए ही नहीं, बल्कि मस्तिष्क के लिए भी खतरनाक है क्योंकि इससे आपकी स्मृति क्षमता खो सकती है।

दो नए अध्ययनों में पाया गया है कि उच्च रक्तचाप से पीड़ित अधेड़ उम्र के लोगों को स्मृतिलोप का 6 गुना अधिक खतरा होता है। पूर्व के अध्ययनों में सिर्फ यही कहा गया था कि उच्च रक्तचाप से दिल की बीमारियों, स्ट्रोक और गुर्दों के नष्ट हो जाने का खतरा होता है।

इन दो अध्ययनों में से एक अल्जाइमर सोसायटी और दूसरा अध्ययन इंपीरियल कॉलेज लंदन की टीम द्वारा किया गया। अध्ययनों से पता चला कि अधेड़ उम्र के उच्च रक्तचाप तथा बुढ़ापे में होने वाली याददाश्त संबंधी समस्याओं के बीच गहरा संबंध है।

'द डेली टेलीग्राफ' ने खबर में लिखा है कि उच्च रक्तचाप से संवाहिका संबंधी स्मृतिलोप का खतरा 600 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। संवाहिका स्मृतिलोप अल्जाइमर के बाद बीमारी का दूसरा सबसे अधिक प्रचलित स्वरूप है और यह तब होता है जब मस्तिष्क में रक्त संवाहिकाएँ नष्ट हो जाती हैं तथा मस्तिष्क की कोशिकाएँ मरने लगती हैं।

जीवन के अंतिम पड़ाव में लोगों को किसी अन्य दूसरी समस्या के मुकाबले स्मृतिलोप की समस्या का अधिक खतरा रहता है। एक अध्ययन में सलाह दी गई है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने रक्तचाप की नियमित तौर पर जाँच करानी चाहिए।

दूसरे अध्ययन में इंपीरियल कॉलेज की टीम ने पाया कि 80 साल से अधिक उम्र के लोगों में उच्च रक्तचाप का उपचार करने से स्मृतिलोप का खतरा 13 प्रतिशत तक कम हो जाता है।

इस अध्ययन की रिपोर्ट लैंसेट न्यूरोलॉजी पत्रिका में छपी है। दोनों अध्ययनों में कहा गया है कि स्मृतिलोप से बचने के लिए उच्च रक्तचाप को काबू में रखना बेहद जरूरी है।
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