ब्रिटेन ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता राशि बढ़ाकर दोगुनी कर दी है। सहायता राशि वहाँ कैसे खर्च की जाएगी इसके लिए ब्रिटेन नई रणनीति भी बना रहा है।
ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री डगलस एलक्जेंडर इस समय इस्लामाबाद में हैं। वहाँ उन्होंने घोषणा की कि अगले पाँच सालों में पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता राशि बढ़ाकर दोगुनी कर दी जाएगी। पाकिस्तान के लिए बढ़ी हुई राशि 48 करोड़ डॉलर हो जाएगी।
ब्रिटेन ने यह कदम पाकिस्तान में बढ़ते आतंकवाद को देखते हुए उठाया है, जिससे ब्रिटेन चिंतित है।
ब्रिटेन से इतनी अधिक सहायता पाने वाला पाकिस्तान अब दुनिया का दूसरा देश बन गया है। सहायता राशि बढ़ाने का उद्देश्य पाकिस्तान से गरीबी मिटाना और वहाँ की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है।
अफगानिस्तान से लगी कबाली इलाके में इसे पहली बार खर्च किया जाएगा। इन इलाकों को अल कायदा और तालिबान से जुड़े चरमपंथियों के प्रभाव वाला इलाका माना जाता है।
इसमें पहली शिक्षा पर जोर दिया गया है, जिसका स्पष्ट उद्देश्य वहाँ के कुछ मदरसों और स्कूलों में दी जा रही उग्र इस्लाम की शिक्षा का मुकाबला करना है।
इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि इन कबायली इलाकों में सहायता राशि कैसे खर्च की जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि ब्रिटेन के किसी भी विकास कार्यक्रम को इन इलाकों में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
ये कबायली इलाके सहायता कार्यकर्ताओं के लिए खतरनाक हैं। विशेषकर पश्चिम से जुड़े कार्यकर्ताओं के लिए, क्योंकि कबायली लोग मानते हैं कि नाटो और अमेरिका ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर रखा है। इन इलाकों में संदिग्ध चरमपंथयों पर अमेरिकी सेना के हवाई हमलों से इस तरह के विरोध बढ़ा है।
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