ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की पत्नी चेरी ब्लेयर को यह जानकार आघात पहुँचा था कि उनके पति तथा मीडिया प्रबंधकों ने उनके गर्भपात की खबर का राजनीतिक इस्तेमाल किया।
ब्रिटेन के 'द टाइम्स' दैनिक में सोमवार को प्रकाशित संस्मरण 'स्पीकिंग फॉर माइसेल्फ' में पूर्व प्रधानमंत्री ब्लेयर की पत्नी ने लिखा है कि वर्ष 2002 की बात है, वे दर्द से कराह रही थीं और खून बह रहा था।
उनके पति तथा मीडिया प्रमुख एलेस्टेयर कैम्पबेल उनके गर्भपात की खबर तुरंत मीडिया को जारी करने पर जोर दे रहे थे, ताकि परिवार के छुट्टियाँ बिताने के कार्यक्रम में हो रही देरी को इराक पर हमले की योजना से जोड़कर देखे जाने वाली अटकलें न लगाईं जाएँ।
47 साल की उम्र में हुए इस गर्भपात के बारे में चेरी ने काफी भावुक होकर लिखा है मैं इस पर यकीन नहीं कर सकी। मैं वहाँ खून में लथपथ पड़ी थी और वे इस मुद्दे पर बात कर रहे थे कि मीडिया में क्या कहना है।
मैंने फोन का रिसीवर रख दिया और दर्द से तड़पते हुए कमरे की छत की ओर ताकने लगी।
पेशे से वकील चेरी ने बताया कि उनका चौथा बच्चा लियो इसलिए दुनिया में आया, क्योंकि वे उस समय अपना गर्भनिरोधक साथ ले जाना भूल गई थीं, जब ब्लेयर दंपति बालमोराल की महारानी के मेहमान बनकर गए थे।
चेरी लिखती हैं उस साल (1999) मैं कुछ अधिक सावधान थी और उलझन से बचने के लिए मैंने अपना गर्भनिरोधक सामान में नहीं रखा।
हमेशा की तरह वहाँ काफी सर्दी थी, लेकिन तब मैंने सोचा कि मैं गर्भवती नहीं हो सकती। मेरी उम्र बहुत हो गई है। यह रजोनिवृति के कारण होना चाहिए।
चेरी ने यह भी लिखा है कि गार्डन ब्राउन उन चुनिंदा लोगों में से एक थे, जिन्हें उनके पति ने गर्भावस्था के बारे में बताने पर जोर दिया।
जब चेरी ने टोनी से पूछा कि ब्राउन को बताने से क्या मकसद हल होगा, तो ब्लेयर ने कहा था- उनके लिए यह बेहद संवेदनशील मसला है। मेरा एक पारिवारिक इंसान होना उनके लिए नाजुक मुद्दा है।
ब्राउन उस समय कैबिनेट में चांसलर ऑफ एक्सचेकर थे।
|