दक्षिण अफ्रीका के नेता नेल्सन मंडेला तथा उनकी अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस को लंबे समय तक आतंकवादियों की सूची में डाले रखने के लिए आलोचनाओं के शिकार हो रहे अमेरिका ने आखिरकार इसमें सुधार की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रतिनिधि सभा ने इस संबंध में एक विधेयक पारित किया है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने मंडेला तथा एएनसी पर आतंकवादी होने की सरकार द्वारा लगाई गई मोहर को हटाने के प्रावधान वाले विधेयक को मंजूरी दे दी।
मंडेला को 15 साल पहले नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया था। सदन की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष होवार्ड एल. बरमन द्वारा पेश विधेयक के प्रावधानों से अमेरिकी रिकॉर्ड से ऐसे सभी आँकड़ों को निकाल दिया जाएगा जो एएनसी और मंडेला समेत उसके नेताओं को आतंकवादी बताते हों। पिछले माह अमेरिकी विदेशमंत्री कोंडोलीजा राइस ने इस स्थिति को अमेरिका के लिए परेशानी में डालने वाली करार दिया था। उन्होंने कहा था कि यह ऐसा देश है जिसके साथ अब हमारे शानदार संबंध हैं, लेकिन यह परेशानी में डालने वाला मामला है।
प्रतिनिधि सभा द्वारा उठाए गए इस कदम को विदेश विभाग का समर्थन है और अमेरिकी सीनेट में भी इसे व्यापक समर्थन प्राप्त है। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति के समर्थकों तथा शुभचिंतकों को उम्मीद है कि इस मामले में निर्णायक कार्रवाई वरिष्ठ राजनेता के जुलाई में अपना 90वाँ जन्मदिन मनाए जाने से पहले ही पूरी हो जाएगी। बरमन ने कहा कि हैरानी में डालने वाली बात यह है कि दक्षिण अफ्रीका द्वारा ऐतिहासिक राजनीतिक परिवर्तन किए जाने के बावजूद एएनसी को लेकर अमेरिका की स्थिति में इस दौरान कोई बदलाव नहीं आया। विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष ने आगे कहा कि नेल्सन मंडेला, वॉल्टर सिसलू तथा राष्ट्रपति थाबो मबेकी के पिता गोवान मबेकी जैसे नेताओं को लगातार अमेरिका में प्रवेश से प्रतिबंधित किया गया और उन्हें यहाँ आने के लिए विशेष अनुमति के लिए आवेदन करना पड़ता था। बरमन विधेयक एचआर 5690 प्रभावी रूप से दक्षिण अफ्रीकी कांग्रेस के मौजूदा तथा पूर्व सदस्यों के नामों के आगे से आतंकवादी का लेबल हटाएगा। इस विधेयक के कानून बनने के बाद एएनसी का सदस्य होने मात्र से किसी को अमेरिकी वीजा के लिए आवेदन करने पर अतिरिक्त जाँच से नहीं गुजरना पड़ेगा।
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