मुख्य पृष्ठ > खबर-संसार > समाचार > अंतरराष्ट्रीय
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
म्याँमार पर सहायता लेने का दबाव बढ़ा
भीषण समुद्री तूफान 'नर्गिस' के कहर से बुरी तरह प्रभावित म्याँमार की सैन्य सरकार 'जुंटा' पर अंतरराष्ट्रीय सहायता के लिए अपनी सीमाएँ खोलने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

अमेरिका ने भारत, चीन, थाईलैंड और इंडोनेशिया से अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर म्याँमार पर अंतरराष्ट्रीय सहायता लेने के लिए दबाव बनाने का आग्रह किया है।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता सीन मैककोर्मेक ने बुधवार को वॉशिंगटन में कहा कि हमने म्याँमार के पड़ोसी देशों से आग्रह किया है कि वे किसी भी तरह सैन्य सरकार को बाहरी सहायता लेने के लिए राजी करें।

उधर अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस ने म्याँमार की सैन्य सरकार से तूफान पड़ितों के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता लेने का आग्रह करते हुए कहा है कि इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि म्याँमार सरकार को अपने लोगों की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सहायता को स्वीकार करना चाहिए। यह राजनीति का मामला नहीं है।

फ्रांस का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र के संरक्षण की जिम्मेदारी सिद्धांत के तहत म्याँमार के तूफान पीड़ितों को सैन्य सरकार की मंजूरी के बिना ही सहायता मुहैया कराई जानी चाहिए।

विदेशमंत्री बर्नाड कुशनर ने कहा हम संयुक्त राष्ट्र से इस बारे में जानकारी ले रहे हैं कि क्या म्याँमार में संरक्षण की जिम्मेदारी को लागू किया जा सकता है।

संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2005 में इस सिद्धांत को मान्यता दी थी। इसके तहत अगर किसी देश की सरकार अपने नागरिकों को बचाने में नाकाम रहती है तो सरकार की इजाजत के बिना ही वहाँ के नागरिकों को सीधे अंतरराष्ट्रीय मदद मुहैया कराई जा सकती है, चाहे यह उस देश की संप्रभुता का उल्लंघन ही क्यों न हो।

हालाँकि संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के अवर महासचिव जान होल्मस फ्रांस की राय से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। उनका कहना है कि टकराव से समस्या और बढ़ेगी, क्योंकि म्याँमार सरकार के साथ बातचीत में प्रगति हो रही है।
और भी
हिलेरी पर 64 लाख डॉलर का कर्ज
भारतीय छात्रा की ब्रिटेन में हत्या
ब्रह्मांड का लापता द्रव्य खोजा!
खाने का जायका बताएगा रोबोट
पार्टी की बेहतरी के लिए पद छोड़ें ब्राउन
सैनिकों के लिए जुटाए दस लाख पौंड