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टाँगें लंबी हैं तो याददाश्त अच्छी
लंबी टाँगों वाली महिलाओं को याददाश्त संबंधी परेशानी होने की संभावना कम होती है। टाँग की प्रति इंच ज्यादा लंबाई अल्झाइमर के खतरे को 16 प्रतिशत कम करती है। यह बात एक अध्ययन में साबित हुई है।

अल्झाइमर ने दुनियाभर में 2 करोड़ 40 लाख लोगों को प्रभावित किया है। अल्झाइमर के शुरूआती चरण में थोड़े समय के लिए स्मृति का क्षरण होना सबसे सामान्य लक्षण है। इसके बाद के लक्षणों में संदेह करना, गुस्सा करना, जुबान लड़खड़ाना और लंबे समय के लिए याददाश्त खोना आदि दिखाई देते हैं।

पत्रिका न्यूरोलॉजी में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार महिला और पुरूषों पर किए गए इस अध्ययन में देखा गया कि लंबी टाँग वाली महिलाओं को डिमेंशिया का खतरा कम होता है और टाँग की एक इंच ज्यादा लंबाई इसके खतरे को 16 प्रतिशत तक कम करती है। छोटी बाँहों वाली महिलाओं को भी लंबी बाँहों वाली महिलाओं की अपेक्षा इस बीमारी के होने का खतरा 50 प्रतिशत अधिक होता है।

बाल्टीमोर के जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय में अध्ययन करने वाले अमेरिकी शोधकर्ताओं ने बताया कि पुरुषों में केवल भुजाओं की लंबाई का अल्झाइमर होने से संबंध है। भुजा की प्रति एक इंच ज्यादा लंबाई अल्झाइमर के खतरे को छह प्रतिशत कम करती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि शरीर के छोटे अंगों का संबंध पोषाहार के अभाव से जुड़ा हुआ है। यह मस्तिष्क के विकास से भी संबंधित है।
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