मुख्य पृष्ठ > खबर-संसार > समाचार > अंतरराष्ट्रीय
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
भारत बेहतर मदद कर सकता है -लौरा
अमेरिका की प्रथम महिला लौरा बुश ने कहा है कि पड़ोसी राष्ट्र होने के नाते भारत तूफान पीड़ित म्यांमार की अमेरिका के मुकाबले कहीं अधिक बेहतर तरीके से मदद कर सकता है।

व्हाइट हाउस में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की पत्नी ने कहा कि म्यांमार की सैन्य सरकार को अधिक तत्परता से भारत की मदद को स्वीकार करना चाहिए।

उन्होंने साथ ही भारत तथा कुछ अन्य देशों से म्यांमार में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने की भी अपील की।

उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि भारत सहायता कर सकता है। भारत एकदम सीमा पर है और संभव है कि म्यांमार सरकार अमेरिकी सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता के मुकाबले भारत सरकार की सहायता को तत्काल स्वीकार करे।

लौरा बुश ने कहा कि प्रतिबंध ही एकमात्र दबाव है जो अमेरिका म्यांमार पर डाल सकता है। उन्होंने कहा कि यदि वे अमेरिका से सहायता स्वीकार नहीं करते हैं तो निश्चित रूप से हमें उम्मीद है कि भारत तथा अन्य पड़ोसी देश सहायता में तेजी ला सकते हैं।

लौरा बुश ने कल म्यांमार की सैन्य सरकार पर समय रहते अपने नागरिकों को नर्गिस तूफान की चेतावनी देने में विफल रहने का आरोप लगाया था। देश में तूफान के कारण दस हजार से अधिक लोग मारे गए हैं।

म्यांमार में मानवाधिकारों की स्थिति पर भी अमेरिकी राष्ट्रपति की पत्नी ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने साथ ही ऐलान किया कि राष्ट्रपति बुश एक विधेयक पर हस्ताक्षर करेंगे जिसके तहत म्यांमार की एनएलडी की नेता आंग सान सू ची को कांग्रेस के मानद पदक से सम्मानित किया जाएगा। सू ची को कई सालों से सैनिक सरकार ने घर में नजरबंद करके रखा है।

बुश प्रशासन ने तूफान पीड़ित म्यांमार की मदद के लिए शुरुआत में 250000 अमेरिकी डॉलर का अनुदान मंजूर किया था, लेकिन अब इसमें इजाफा किए जाने की संभावना है। लौरा ने कहा कि मुझे लगता है कि अपनी जनता और दुनिया के सामने यदि म्यांमार अमेरिका से या बाकी अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता हासिल नहीं करता है तो सैन्य सरकार अपने ही लोगों से और कट जाएगी।

सैन्य सरकार के लगातार दमन पर अपनी प्रतिक्रिया में राष्ट्रपति ने अमेरिकी राजस्व विभाग को म्यांमार के स्वामित्व वाली उन सभी कंपनियों की संपत्तियों को सील करने का निर्देश दिया था जिनके खाते अमेरिकी बैंकों में हैं।

लौरा बुश ने कहा कि हम यूरोपीय संघ कनाडा और ऑस्ट्रेलिया का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने अमेरिका के समान म्यांमार पर प्रतिबंध लगाए। हम चीन, भारत और म्यांमार के साथ ही आसियान देशों से भी अपील करते हैं कि वे लोकतंत्र की स्थापना के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करें।
और भी
नर्गिस प्रभावितों को 20 लाख की मदद
इसराइल ने ईंधन उपलब्ध कराया
ईरान को रियायती पैकेज देगा अमेरिका
अब कब्रिस्तान भी ऑनलाइन!
ईरान में 12 अपराधियों को फाँसी
यमन में मुठभेड़, 50 से ज्यादा मरे