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तहखाने की भनक किसी को नही थी
24 साल तक अपनी बेटी को कैद में रखने वाले कुख्यात ऑस्ट्रियाई जोसेफ फ्रित्जल ने घर के नीचे बने तहखाने की भनक उसकी पत्नी रोजमेरी तक को भी नहीं थी। उसकी पत्नी ने पूरे परिवार को एक रखने के लिए काफी जद्दोजहद की लेकिन उसे कभी पता नहीं चल पाया कि घर के नीचे ही उसकी बेटी को कैद कर रखा गया है।

एसोसिएटेड प्रेस को दिए एक विशेष साक्षात्कार में स्वयं को जोसेफ फ्रित्जल की पत्नी की बहन बताने वाली एक महिला ने कैद में रखी गई फ्रित्जल की बेटी पर हुए अत्याचारों की दास्तान बताई। महिला ने इस बाप को अत्याचारी कहा। फ्रित्जल के परिवार के साथ एक चित्र में नजर आने वाली इस महिला ने आम लोगों से ध्यान हटाने तथा साक्षात्कार के लिए पीछे पड़े पत्रकारों की भीड़ से बचने के लिए अपनी पहचान क्रिस्टीन आर के रूप में बताई है।

क्रिस्टीन ने अपनी बहन रोजमेरी के बारे में बताया। उसने बताया कि रोजमेरी को विश्वास हो गया था कि उसकी 17 साल की बेटी एलिजाबेथ किसी संप्रदाय अथवा पंथ की शरण में चली गई है। यह पुलिस के द्वारा रहस्योद्‍घाटन से छह माह पहले की बात है।

पुलिस ने बताया था कि एलिजाबेथ को एक बिना खिड़की वाले तहखाने में कैद कर रखा था। 68 साल की क्रिस्टीन ने कहा कि हम लोग जब भी मिलते थे एलिजाबेथ के बारे में जरूर बातें करते थे। उसने कहा कि मुझे भी इस बात का पूरा विश्वास हो चला था कि एलिजाबेथ किसी संप्रदाय या पंथ की शरण में चली गई है। वहाँ कुछ ही बच्चों को शरण मिलती है। वहाँ पर किसी बीमार बच्चे को जगह नहीं मिलती है।

क्रिस्टीन ने याद करते हुए कहा कि हम लोगों ने रेलवे स्टेशनों के बसेरों तथा संप्रदायों का पता लगाने में जासूसों की तरह काम किया। अब सवाल यह उठ रहे हैं कि एलिजाबेथ की संप्रदाय वाली बात को क्या ऑस्ट्रिया के लोग पचा पाएँगे। लोग असमंजस में हैं कि रोजमेरी को सारे अंजाम की जानकारी थी या नहीं।
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