तनाव, अवसाद और अपनी समस्याओं के बारे में बात नहीं कर पाने के कारण पुरुषों में सेक्स के प्रति रुचि लगातार घट रही है।
आपसी संबंधों को लेकर काउंसलिंग सेवा मुहैया कराने वाली संस्था रिलेट के एक दल ने अध्ययन में पाया कि ब्रिटेन में 40 फीसदी पुरुषों को सेक्स में कोई दिलचस्पी नहीं है। शारीरिक रूप से सेक्स करने में सक्षम होने के बावजूद ये लोग इसमें उत्सुकता नहीं दिखा रहे हैं।
डेली मेल ने रिलेट के पीटर बेल के हवाले से लिखा है कि लोग हमारे पास नपुंसकता की समस्या लेकर आते हैं। हालाँकि वियाग्रा ने इनमें से कुछ समस्याएँ हल कर दी हैं, लेकिन बहुत लोगों की शिकायत यह है कि सेक्स तो कर सकते हैं लेकिन उनकी इच्छा नहीं होती। महिलाओं में ऐसा 50 की उम्र में होता है।
लोग कहते हैं ऐसी शिकायतें पिछले दस सालों में नहीं सुनी गईं। ये पुरुष 30, 40 और 50 आयु वर्ग के हैं और विवाहित हैं। यह एक गंभीर मुद्दा है।
बेल कहते हैं इसे मात्र संबंधों की समस्या नहीं, बल्कि साइकोसेक्सुअल डिसफंक्शन के तौर पर जाना जाता है, क्योंकि इन लोगों की न केवल अपने साथी में अपितु सेक्स में भी रुचि घट गई है।
रायल फ्री एंड यूनिवर्सिटी कॉलेज मेडिकल स्कूल लंदन के प्रोफेसर माइकल किंग के मुताबिक अवसाद इसका एक कारण हो सकता है।
वे कहते हैं पुरुषों के 30 से 50 आयु वर्ग के बीच में अवसाद का शिकार होने की सर्वाधिक संभावना होती है। एक कारण यह भी है कि महिलाओं के विपरीत पुरुष अपनी समस्याओं या भावनाओं को व्यक्त नहीं करते।
ब्रिटिश एसोसिएशन ऑफ काउंसलिंग एंड साइकोथैरेपी के प्रोफेसर कैरी कूपर कहते हैं ब्रिटेन की कार्यशैली नौ से पाँच की नहीं रही है और कार्यालयों में काम के घंटे लंबे खींचे गए हैं, जिससे जिंदगी बहुत तनावभरी हो गई है।
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