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कलाम होंगे नालंदा विवि के विजिटर?
विश्व के सबसे पुराने नालंदा विश्वविद्यालय की उसके मौलिक स्वरूप में पुनर्स्थापना के काम को मूर्त रूप देने में जुटे समूह ने इस प्रस्तावित संस्थान के विजिटर के रूप में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का नाम प्रस्तावित करने का स्वागत किया है।

भारत को प्राचीनकाल से ही जगतगुरु की प्रतिष्ठा दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले नालंदा विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापित के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन की अध्यक्षता में प्रतिष्ठित शिक्षाविदों का एक समूह कार्यरत है। हाल ही में बिहार सरकार ने डॉ. कलाम को इस प्रस्तावित विश्वविद्यालय का विजिटर नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा था।

न्यूयॉर्क में समूह की कल हुई तीसरी बैठक में इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा गया कि इस परियोजना का विजिटर एक ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जिसकी दुनियाभर में ख्याति हो और जिसमें शिक्षा के प्रसार में गहरी रुचि हो, जिससे इस स्वप्न को शीघ्र साकार किया जा सके। गौरतलब है कि इस विश्वविद्यालय को उसी प्राचीन स्थल पर बनाया जाना है, जहाँ पहले कभी नालंदा विश्वविद्यालय हुआ करता था।

इस बैठक में भारत, चीन, जापान और सिंगापुर के प्रख्यात शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया। इससे पहले समूह की दो बैठकें जुलाई 2007 में सिंगापुर में और दिसंबर 2007 में टोक्यो में हुई थी। अगली बैठक नई दिल्ली में प्रस्तावित है।

इस प्रस्तावित विश्वविद्यालय को पूर्वी एशिया समिट के 16 देशों के साझा प्रयासों से स्थापित किया जाएगा। यह विश्वविद्यालय पूरी तरह से स्वायत्त होगा, जिसमें सरकारी हस्तक्षेप और मुनाफे जैसी बातों का कोई स्थान नहीं होगा।

इस विश्वविद्यालय में बौद्ध शिक्षा, दर्शनशास्त्र, तुलनात्मक धर्मशास्त्र, इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध और शांति से जुडे अध्ययन, व्यापार प्रबंधन एवं विकास शिक्षा, भाषा एवं साहित्य और पारिस्थितिकी विज्ञान एवं पर्यावरण विषयों के विभाग स्थापित होंगे।

बैठक में डॉ. सेन ने विश्वविद्यालय के लिए एक रजिस्ट्रार नियुक्ति करने की जरूरत पर बल दिया जो प्रस्तावित स्थल पर रहकर स्थापना के काम को समय से पूरा करा सके। साथ ही इसमें नियुक्त होने वाले प्राध्यापकों की सूची, पाठ्यक्रम, प्रशासनिक ढाँचा एवं शुल्क आदि के बारे में नीति बनाई जा सके।

उन्होंने इसकी स्थापना अगले साल तक होने और दो साल के अंदर नियमित कक्षाएँ प्रारंभ किए जा सकने की उम्मीद भी जताई।
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