दलाई लामा के प्रतिनिधियों और चीनी अधिकारियों के बीच बहुप्रतीक्षित बातचीत रविवार को अचानक समाप्त हो गई। तिब्बत में मार्च में हुई हिंसक घटनाओं के बाद पहली बार दोनों पक्षों के बीच यह बातचीत हुई। चीन ने अगले दौर की बातचीत के लिए पूर्व शर्त के रूप में तिब्बती नेता से हिंसा रोकने के लिए ठोस पहल करने की माँग की है। चीन की राष्ट्रीय संवाद समिति शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार शेनजेन में हुई बातचीत के बाद चीनी अधिकारियों और दलाई लामा के निजी प्रतिनिधियों ने उचित समय पर दोबारा संपर्क करने तथा विचार-विमर्श करने पर सहमति व्यक्त की है।
रिपोर्ट के अनुसार बैठक के दौरान चीनी अधिकारी झु वेक्यून और सीतर ने दलाई लामा के प्रतिनिधियों से कहा कि 12 मार्च को ल्हासा में हुए दंगे ने दलाई समर्थकों के साथ संपर्क करने और विचार-विमर्श में नई बाधाएँ पैदा की हैं। बहरहाल उन्होंने कहा कि सरकार ने धैर्य और ईमानदारी के साथ बैठक आयोजित की है।
इस संवाद समिति ने सूत्रों के हवाले से कहा कि चीनी पक्ष ने उम्मीद जताई है कि अगले दौर के संपर्क और विचार-विमर्श के लिए दलाई लामा के समर्थक चीन को विभाजित करने से संबद्ध गतिविधियों साजिश तथा हिंसा को उकसाने तथा बीजिंग ओलिंपिक को बाधित करने की कार्रवाई रोकने के लिए ठोस पहल करेंगे।
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