पाकिस्तान के प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी ने रविवार को कहा कि भारत इस महीने 29 पाकिस्तानियों को रिहा करने पर सहमत हो गया है।
पाकिस्तान में मौत की सजा का सामना कर रहे भारतीय नागरिक सरबजीतसिंह की रिहाई के लिए अभियान चलाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले बर्नी कहा कि ये 29 कैदी उन 169 पाकिस्तानियों में शामिल हैं, जो भारतीय जेलों में बंद हैं। इनमें 19 मानसिक रोगी और 29 महिलाएँ शामिल हैं।
उनकी हाल में भारत यात्रा के दौरान इन 169 कैदियों की सूची उन्हें मिली। बर्नी ने कहा कि उन्हें गारंटी मिली है कि भारत सरकार इनमें से कई कैदियों को रिहा कर सकती है, बशर्ते अंसार बर्नी ट्रस्ट उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि कर दे और नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग इन्हें यात्रा दस्तावेज मुहैया कराए।
ट्रस्ट ने इन कैदियों की सूची पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित की और कुछ कैदियों की राष्ट्रीयता की पुष्टि के लिए उन्होंने उनके परिवारों का पता लगाया। इनका ब्योरा पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय और नई दिल्ली स्थिति पाकिस्तानी उच्चायोग के पास भेज दिया गया है।
बर्नी ने कहा कि ट्रस्ट द्वारा ब्योरा देने और भारतीय प्रशासन द्वारा महावाणिज्य पहुँच मुहैया कराने के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने जेलों का दौरा किया और भारतीय राज्य पंजाब में 29 कैदियों की राष्ट्रीयता की पुष्टि की। राज्य में फिलहाल 49 पाकिस्तानी जेल में हैं।
पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्हें विदेशमंत्री प्रणब मुखर्जी की इस माह के आखिर में पाकिस्तान यात्रा के बाद पाकिस्तानी कैदियों की रिहाई के बारे में घोषणा करने की संभावना है।
अंसार बर्नी ट्रस्ट ने दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग से बिना विलंब किए 29 पाकिस्तानियों के यात्रा दस्तावेज तैयार करने का आग्रह किया है ताकि उन्हें शीघ्र रिहा किया जा सके। ट्रस्ट ने भारतीय जेलों में बंद अन्य पाकिस्तानी नागरिकों की राष्ट्रीयता की पुष्टि करने की अपील भी की है।
बर्नी ने उम्मीद जताई कि मुखर्जी जब पाकिस्तान आएँगे तब तक पाकिस्तानी कैदियों की रिहाई की संख्या बढ़ जाएगी।
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