पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने बर्खास्त जजों को बहाल करने के लिए एक संवैधानिक पैकेज पर सहमति जताई है।
डेली टाइम्स ने उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से लिखा है कि राष्ट्रपति के सहयोगी एक ऐसा संवैधानिक पैकेज तैयार के लिए सरकार से बातचीत कर रहे हैं, जो नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएलएन और आसिफ अली की पार्टी पीपीपी सहित सभी पक्षों को स्वीकार्य हो।
सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रपति असेंबली को भंग करने की अपनी शक्ति को त्यागने को तैयार हो सकते हैं। सूत्रों ने कहा अनुच्छेद 58 (2-बी) को इस्तेमाल करने की राष्ट्रपति की शक्ति को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी का विषय बनाया जाएगा और ऐसे मामले खड़े होने की स्थिति में शीर्ष अदालत के लिए भी कुछ दिशा-निर्देश तय किए जाएँगे।
राष्ट्रपति राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को बर्खास्त करने को तैयार नहीं हैं, लेकिन वह इस प्रस्ताव पर सहमत हो सकते हैं कि प्रांतीय गवर्नर की नियुक्ति उनकी सलाह के बजाय प्रधानमंत्री की सलाह से की जाए। हालाँकि सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रपति सेनाओं के प्रमुखों की नियुक्ति का अधिकार खुद रखना चाहते हैं।
उन्होंने कहा इस मुद्दे पर असहमति है। वे सेनाओं के प्रमुखों की नियुक्ति को अपना विशेषाधिकार बनाए रखना चाहते हैं।
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