अपने सुंदर वास्तुशिल्प के लिए मशहूर सदियों पुराने रतन ताल्हा हिंदू मंदिर का इस्तेमाल अब यहाँ ऑटो रिपेयर वर्कशॉप के रूप में किया जा रहा है।
वक्फ की संपत्तियों के जरिये धन उगाहने वाले एक स्वायत्त विभाग औकफ ने इस ऐतिहासिक मंदिर को एक व्यक्ति को किराए पर दे दिया है। यह मंदिर कराची की रतन स्ट्रीट में स्थित है।
वर्कशॉप का मालिक अब्दुल कय्यूम नामक व्यक्ति है। उसने मंदिर के प्रमुख प्रांगण को स्टोर रूम बनाकर स्थानीय हिंदुओं को मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया है। एक एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला यह मंदिर दोमंजिला है। इसे पंडितों और अतिथियों के लिए बनाया गया था। कय्यूम का कहना है कि उसने दो दशक पहले इस मंदिर को लीज पर लिया था। उसे नहीं मालूम कि यह कोई मंदिर है और यहाँ किसी देवी-देवता की प्रतिमा भी नहीं है। कय्यूम का दावा है कि उसने किसी को भी यहाँ आने से नहीं रोका है।
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