गरीबी में जी रहे विश्व के 20 करोड़ लोगों का जीवन सुधारने के अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के क्लिंटन वैश्विक अभियान (सीजीआई) में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आरके पचौरी भी शामिल हो गए हैं।
इस अभियान को एक हजार अन्य लोगों का भी समर्थन प्राप्त है। पचौरी भारत के एक करोड़ लोगों को केरोसिन तथा पेराफिन के लालटेनों के युग से निकालकर उनके जीवन में सौर ऊर्जा के यंत्रों से रोशनी लाने को प्रतिबद्ध हैं।
जलवायु परिवर्तन पर अंतरसरकारी पैनल (आईपीसीसी) के अध्यक्ष आर के पचौरी तथा अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रति अल गोर को 2007 में नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था।
उनके गैर लाभकारी संस्था ऊर्जा तथा संसाधन संस्थान ने अब तक देश के तीन सौ गांवों में 30 हजार से भी अधिक सौर ऊर्जा चलित लालटेन बांटे हैं। भारत में 7.8 करोड़ से अधिक घरों तथा 39 करोड़ लोगों तक अभी भी बिजली नहीं पहुंची है।
इसके अलावा संस्था ने विद्यार्थियों को सक्षम बनाया है कि वे गांवों में केरोसिन से जलने वाले चूल्हों के संपर्क से होने वाले नुकसान तथा सौर लालटेनों के लाभ के बारे में बताएँ।
इस बीच वीसा कंपनी ने क्लिंटन के अभियान के तहत विश्व के एक करोड़ लोगों की साक्षरता के लिए वित्तीय सहायता देने का संकल्प लिया है।
वर्ष 2005 में प्रारंभ किए गए क्लिंटन वैश्विक अभियान में 82 देशों के पूर्व, वर्तमान प्रमुख तथा विभिन्न बड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी शामिल हैं।
अभियान की छह माही समीक्षा में बिल क्लिंटन ने कहा कि एक हजार से अधिक लोगों के सहयोग के वादे से 20 करोड़ लोगों की जिंदगी सुधारी जा सकेगी।
इसमें तीसरी दुनिया के देशों के प्रमुखों के अलावा व्यापार प्रमुख गैर सरकारी संगठन तथा अन्य बड़े विचारक शामिल हैं।
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