पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के अपदस्थ मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार मोहम्मद चौधरी ने कहा है कि वे निजी फायदे के लिए नहीं, बल्कि कानून और न्यायपालिका को सर्वोच्च दर्जा दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
पाकिस्तानी समाचार-पत्र 'द नेशन' के मुताबिक आपातकाल के दौरान अपदस्थ किए गए चौधरी ने यह बात गुजरात बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष तारिक महमूद खालिद के साथ कल एक बैठक में कही।
बाद में संवाददाताओं से बातचीत में तारिक ने बताया कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने उनसे कहा कि वे कानून और न्यायपालिका की सर्वोच्चता के लिए संघर्षरत हैं। चौधरी ने कहा कि उनका समर्थन करने वाले वकीलों ने दरअसल 16 करोड़ जनता के अधिकारों की हिफाजत के लिए संघर्ष किया।
तारिक के अनुसार पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वे किसी शानदार ओहदे पर आसीन होने की कल्पना तक नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि बुराई पर हमेशा सच्चाई की जीत होती है और वे किसी असंवैधानिक कदम के समक्ष झुक नहीं सकते।
उल्लेखनीय है कि कल ही पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज के अध्यक्ष नवाज शरीफ ने 12 मई तक आपातकाल में बर्खास्त किए गए सभी न्यायाधीशों की बहाली करने की घोषणा की थी।
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