ईरान के प्रथम परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए रूस से रवाना उपकरणों की खेप अजरबैजान में रोके जाने के बाद आखिरकार अब अपने गंतव्य पर पहुँच गई है।
ईरान ने रूस की सहायता से बनाए जा रहे बुशेर परमाणु सयंत्र के लिए हीट इनसुलेटरों की यह खेप गत 29 मार्च को ईरान और अजरबैजान की सीमा पर रोक ली गई थी।
अजरबैजान के विदेश मंत्रालय ने गत गुरुवार को इस खेप को अपने यहाँ से गुजरने की इजाजत दे दी थी। रूस और ईरान दोनों को ही इस खेप को जारी करवाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी।
ईरान की समाचार एजेंसी आई आरएनए ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद अली हुसैनी के हवाले से कहा है कि खेप के बारे में रूस से संबद्ध दस्तावेज मिल जाने के बाद अजरबैजान ने उसे अपने यहाँ से गुजरने की इजाजत दे दी। उन्होंने कहा कि उपकरण ईरान पहुँच चुके हैं।
रूस ने ईरान के इस ऊर्जा संयंत्र के निर्माण में सहयोग देने के लिए 1995 में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और एक अरब डॉलर के इस अनुबंध के तहत वह पहले ही परमाणु ईंधन भेज चुका है। ईरानी अधिकारियों ने पहले कहा था कि यह संयंत्र 2008 तक काम करने लगेगा।
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