पाकिस्तान में सत्तारूढ़ गठबंधन ने एक संसदीय प्रस्ताव के तहत अपदस्थ जजों की बहाली की तैयारी कर ली है, लेकिन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ सुप्रीम कोर्ट से स्थगनादेश जारी करवाकर उनकी बहाली के रास्ते में रोड़ा अटका सकते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि यदि जजों को नेशनल असेम्बली या संसद के निचले सदन द्वारा पारित प्रस्ताव के आधार पर जारी विधायी आदेश के जरिये बहाल किया जाता है तो राष्ट्रपति सुप्रीम कोर्ट से इसके खिलाफ स्थगनादेश हासिल करेंगे। राष्ट्रपति मुशर्रफ ने पिछले वर्ष आपातकाल के दौरान इन्हें बर्खास्त कर दिया था। द न्यूज ने अधिकारी के हवाले से लिखा है राष्ट्रपति मुशर्रफ ऐसी किसी घटना को मूकदर्शक बनकर नहीं देखते रहेंगे। वे अपदस्थ जजों की वापसी को रोकने के लिए दृढ़ता से कार्रवाई करेंगे।
इस मुद्दे पर पीपीपी नेतृत्व से विचार विमर्श कर कल देर रात दुबई से लौटे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि वे इस बात पर सहमत है कि जजों को संसदीय आदेश के जरिए बहाल किया जाए।
अपदस्थ जजों की बहाली को लेकर बने गतिरोध को समाप्त करने के लिए शरीफ ने दुबई में पीपीपी के सह-अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी के साथ हुई बातचीत के नतीजे को क्रांतिकारी बताया।
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