रात में छह घंटे से कम सोने वाले लोगों को हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा अधिक होता है। यह बात किसी एक नहीं बल्कि दो अध्ययनों से पुष्ट हुई है। अध्ययनों के मुताबिक जो लोग रात में छह घंटे से कम सोते हैं, उनमें हृदय रोगों की आशंका दोगुनी होती है।
अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि कम सोने से मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा बढ़ जाता है। मेटाबोलिक सिंड्रोम में कोलेस्टेरोल की अधिकता उच्च रक्तचाप और रक्त में शर्करा की मात्रा का नियंत्रण जैसे लक्षण शामिल हैं।
अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक मेटाबोलिक सिंड्रोम दरअसल मधुमेह और हृदय संबंधी रोगों की आरंभिक चेतावनी है। इसका स्वस्थ जीवन शैली और दवाओं से संबंध हो सकता है। पहला अध्ययन पिट्सबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसिन विश्वविद्यालय ने किया है। दूसरा अध्ययन कावेंट्री के वारविक मेडिकल स्कूल ने किया। दोनों अध्ययनों से मिले-जुले नतीजे हासिल हुए, जो इशारा करते हैं कि रात में छह घंटे से अधिक समय तक सोने से ह्दय रोग के खतरों को कम किया जा सकता है।
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