चीन ने गुपचुप तरीके से एक विशाल भूमिगत परमाणु पनडुब्बी ठिकाना बनाया है, जिससे न केवल एशियाई देशों को खतरा हो सकता है, बल्कि यह क्षेत्र अमेरिकी शक्ति के लिए भी चुनौती है।
द डेली टेलीग्राफ में प्रकाशित खबर के अनुसार उपग्रह से मिले चित्रों से पता चलता है कि एक महत्वपूर्ण गोदी बनाई गई है, जहाँ परमाणु बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्रों वाली पनडुब्बियाँ और विमानवाहक पोत ठहर सकते हैं।
खबर में कहा गया है कि एक चित्र से पता चलता है कि इस गोदी में खड़ी चीन की नवीनतम 094 परमाणु पनडुब्बी उसके पड़ोसियों से मात्र कुछ सौ मील की दूरी पर है।
अन्य तस्वीरों से पता चलता है कि कुछ युद्धपोत भी वहाँ हैं और हैनान द्वीपसमूह के दक्षिणी हिस्से में स्थित सान्या ठिकाने पर भूमिगत सुरंगों का जाल बिछा है। बताया जाता है कि ये तस्वीरें प्रतिष्ठित सैन्य पत्रिका जेन्स इंटेलिजेंस रिव्यू से ली गई हैं।
पत्रिका के विश्लेषकों का कहना है कि गोदी का इस्तेमाल रक्षात्मक अभियानों और जोखिमपूर्ण अभियानों के लिए किया जा सकता है। साथ ही इस गोदी में पनडुब्बियों को अमेरिका से नजदीक प्रक्षेपण स्थानों पर तैनात किया जा सकता है।
डेली टेलीग्राफ में प्रकाशित खबर में कहा गया है कि सैन्य विश्लेषकों की राय में चीन की अपनी सैन्य क्षमता में वृद्धि के प्रयास को बल मिला है, लेकिन ओलिंपिक खेलों की तैयारी के दरम्यान दुनिया को इसके बारे में पता नहीं चल पाया।
अखबार में कहा गया है चीन ने अपने अधिकतर संसाधनों को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के बजाय नौसेना, वायुसेना और प्रक्षेपास्त्र विकास में लगाया है।
खबर के अनुसार हैनान से लगे ठिकाने की स्थिति इस प्रकार है कि पनडुब्बियाँ मात्र कुछ मील की दूरी पर ही पानी में कम से कम 5000 मीटर की गहराई पर चली जाएँगी और उनका पता लगा पाना मुश्किल हो जाएगा।
जेन्स इंटेलिजेंट रिव्यू के संपादक क्रिस्तियान ले मायरे ने बताया कि बीजिंग की इस जटिल योजना का उद्देश्य इस क्षेत्र पर अपना कड़ा नियंत्रण बनाए रखना है।
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