पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की सुरक्षा को लेकर चिंतित अमेरिका के एक शीर्ष सांसद ने पाक के पास इस प्रकार के आयुध को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि देश में इस्लामिक कट्टरपंथियों के नाटकीय उभार ने स्थिति को अधिक चिंतनीय बना दिया है। डेमोक्रेटिक सीनेटर डियाने फेनस्टीन ने ऊर्जा संबंधी सीनेट की उपसमिति के समक्ष कहा कि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार हैं। वहाँ अस्थिर सरकार है और इस्लामी कट्टरपंथियों का नाटकीय उभार हुआ है। जहाँ तक आतंकवाद का संबंध है, बहुत से लोगों ने इसे ग्राउंड जीरो का नाम दे दिया है। फेनस्टीन ने एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से सवाल करते हुए कहा कि यदि आप हमसे पूछें कि सर्वाधिक खतरनाक परमाणु स्थिति क्या है, तो हम कहेंगे कि यह पाकिस्तान है। मेरे सामने सवाल यह है कि इस चुनौती का सामना करने के लिए हमें क्या करना चाहिए, ताकि हथियार सुरक्षित रहें और सरकार की स्थिरता की स्थिति में सुधार के लिए वास्तव में क्या किया जाए।
यह परमाणु हथियार कार्यक्रम की स्थिरता से भी जुड़ा मसला है। राष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा प्रशासन के परमाणु रक्षा अप्रसार विभाग के उप प्रशासक विलियम टोबी ने इस पर अपने जवाब में कहा कि परमाणु आतंकवाद से लड़ने के अपने प्रयासों में शामिल होने के लिए हमने पाकिस्तान को निमंत्रण दिया है और ऐसा उन्होंने किया भी है।
उन्होंने चीन में एक अभ्यास में भाग लिया है। इस पहल का मकसद विभिन्न राष्ट्रों को इस अभियान में एक दूसरे के करीब लाना है।
|