पाकिस्तान के पूर्व मानवाधिकार मंत्री अंसार बर्नी ने कहा कि वे भारतीय नागरिक सरबजीतसिंह को समर्थन देते रहेंगे जिसे बिना किसी ठोस सबूत के मौत की सजा सुनाई गई है। गौरतलब है कि सरबजीत पर पंजाब प्रांत में 1990 में बम विस्फोट कराने का आरोप है। उसके परिवार ने इस आरोप को खारिज किया है कि सरबजीत भारतीय जासूस है। उसके परिजन का कहना है कि वह गलती से पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश कर गया था।
बर्नी ने कहा कि सरबजीत को फाँसी देना मानवता की हत्या करने के बराबर होगा, क्योंकि उसे बिना किसी ठोस सबूत के दोषी करार दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरबजीत के गैर मुस्लिम और गैर पाकिस्तानी होने के कारण मैं सरकार को उसे फाँसी पर लटकाने की इजाजत नहीं दूँगा।
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