पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी के अपनी पत्नी एवं दो बार देश की प्रधानमंत्री रह चुकी बेनजीर भुट्टो की हत्या के बारे में दिए गए ताजा बयान से इस जघन्य घटना के पीछे विदेशी हाथ होने संबंधी खबरों को बल मिला है। जियो टेलीविजन पर एक कार्यक्रम के दौरान जरदारी ने सुश्री भुट्टो की हत्या की संयुक्त राष्ट्र से जाँच कराने की अपनी पार्टी की माँग का बचाव करते हुए कहा कि पाकिस्तान के विभाजन की मंशा रखने वाली कुछ विदेशी ताकतों का इसमें हाथ हो सकता है। जरदारी ने कहा कि वह सिर्फ ट्रिगर दबाने वाले को ही फाँसी के तख्ते पर नहीं लटकवाना चाहते बल्कि उन विदेशी ताकतों को भी बेनकाब करना चाहते हैं जो पाकिस्तान को बाँटना चाहती हैं। बार बार पूछे जाने पर भी जरदारी ने उन संदिग्धों का नाम नहीं लिया हालाँकि उन्होंने कहा कि पिछली सरकार स्वयं भी सुश्री भुट्टो की हत्या के लिए अल कायदा को जिम्मेदार ठहरा चुकी है। उन्होंने संकेत दिया कि सुश्री भुट्टो की हत्या के पीछे सरकारी तंत्र का भी हाथ था। जरदारी के इस बयान से इस हत्या के पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश होने संबंधी खबरों को बल मिला है। पिछली सरकार ने हालाँकि खुफिया एजेंसियों द्वारा पकड़ी गई टेलीफोन बातचीत के आधार पर सुश्री भुट्टो की हत्या के लिए बैतुल्ला मैहसूद और आतंकवादी संगठन अल कायदा को जिम्मेदार ठहराया था, जबकि पीपीपी ने सरकार की जाँच को सिरे से खारिज कर दिया था। जरदारी ने यह नहीं बताया कि यदि अल कायदा नहीं तो फिर कौन सी विदेशी ताकत है जो पाकिस्तान का बँटवारा चाहती है।
|